अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने देखा अल्ट्रा पुअर ग्रेजुएशन मॉडल की सफलता को
रांची, 09 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका और भारत के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने 8 एवं 9 जनवरी 2026 को पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया और मुसाबनी प्रखंडों का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूयॉर्क स्थित लाईवलीहुड इम्पैक्ट फंड की सीनियर एडवाइज़र हाइडी मैकएनैली, द नज इंस्टीट्यूट के सीईओ अतुल सतीजा, सीडीओ देवदास तथा सीनियर डायरेक्टर जॉन पॉल शामिल थे। इस दौरे का उद्देश्य अल्ट्रा पुअर ग्रेजुएशन एप्रोच के अंतर्गत कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं उनके जमीनी प्रभाव को समझना था।
प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की ओर से द नज इंस्टीट्यूट के सहयोग से अल्ट्रा पुअर ग्रेजुएशन एप्रोच के माध्यम से संचालित अल्ट्रा पुअर ग्रेजुएशन एप्रोच (यूपीएजे)एवं फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान कार्यक्रमों का अवलोकन किया। दल ने अत्यंत कमजोर परिवारों, विशेषकर आदिम जनजातीय समूहों (पीवीटीजीएस), तथा सामुदायिक परिवर्तनकर्ताओं के जीवन में आए सकारात्मक और स्थायी बदलावों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस पहल की सराहना की।
शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल की जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाइडी मैकएनैली ने जेएसएलपीएस की ओर से अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियों की प्रशंसा की और इन सफल अनुभवों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की संभावना पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर सीईओ,जेएसएलपीएस ने कहा कि अल्ट्रा पुअर ग्रेजुएशन एप्रोच एवं समावेशी आजीविका योजना परियोजनाओं के अंतर्गत अपनाई गई साझेदारी आधारित एवं लक्षित कार्यप्रणालियों के माध्यम से राज्य के पीवीटीजी एवं अन्य कमजोर समुदायों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन संभव हो पाया है। उन्होंने भविष्य में भी इस सहयोग को सुदृढ़ करते हुए कार्यक्रमों के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

