मनरेगा से कूप निर्माण में मजदूरों की जगह जेसीबी का इस्तेमाल: प्रमुख

मनरेगा से कूप निर्माण में मजदूरों की जगह जेसीबी का इस्तेमाल: प्रमुख
मनरेगा से कूप निर्माण में मजदूरों की जगह जेसीबी का इस्तेमाल: प्रमुख


मनरेगा से कूप निर्माण में मजदूरों की जगह जेसीबी का इस्तेमाल: प्रमुख


पलामू, 10 जून (हि.स.)।जिला मुख्यालय से सटे चैनपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बांसडीह पंचायत में मनरेगा से कूप निर्माण कराया जा रहा हैं, जिसमें भारी अनियमितता बरती गई हैं, जिसे देखते हुए प्रखंड प्रमुख गायत्री देवी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्राचार से अवगत कराया है।

कहा है कि तीन वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 में कूप निर्माण मजदूरों से नहीं कराया गया है। मजदूरों की जगह पर जेसीबी से खोदाई की गयी है, जबकि सरकार का सख्त निर्देश है कि मनरेगा के कार्य में मजदूरों को रोज़गार दिया जाए, ताकि दूसरे प्रदेशों में मजदूरों का पलायन रूके, लेकिन मनरेगा में मजदूरों का हक़ छीनने में बिचौलिया हावी हैं। कूप का निर्माण 4 लाख में पूरा करना है, लेकिन सभी में 50 हजार का भुगतान हुआ और निर्माण कार्य पूरा हो चुका गया है।

प्रमुख ने कहा कि सरकार की योजनाओं को असफल करने और अपना जेब भरने में संवेदक लगें हैं। मनरेगा जैसी योजनाओं में लाभुक का नाम दे दिया जाता है, लेकिन कुआं खोदाई करते समय लाभुकों को मजदूरी करने के लिए संवेदक द्वारा जानकारी नहीं दी जाती हैं और कुआं का काम जेसीबी करा दिया जाता हैं। जब धरातल पर कुआं की खोदाई होने लगती है तो लाभुक मौके पर जाकर जानकारी लेता है तो जानकारी होती है कि संवेदक द्वारा जेसीबी से कुआं की खोदाई करायी जा रही है।

कुआं तैयार हो जाने पर भी लाभुकों के खाते में पैसे नहीं जाते हैं। उनका पैसा संवेदक के खाते में चला जाता हैं और मजदूरी का पैसा दूसरे लोगों के खाते में चला जाता है। मजदूरों के हक़ के पैसे उन्हें नहीं देकर खुद संवेदक डकार लेता है। बांसडीह पंचायत में सैकड़ो कूप निर्माण जेसीबी से खुदाई कर सौ-दो सौ गज की दूरी पर संवेदक द्वारा मनमाने ढंग से कराया गया हैं। इसमें जांच कर कार्रवाई करने की जरूरत है।

हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप

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