जनता दरबार में कई मामलों का हुआ ऑन द स्पॉट निष्पादन

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जनता दरबार में कई मामलों का हुआ ऑन द स्पॉट निष्पादन


रांची, 01 दिसंबर (हि.स.)। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की ओर से आयोजित जनता दरबार में सोमवार को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।

जिला के सुदूर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से आए लोगों ने भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रमाण-पत्र निर्गमन, राजस्व से संबंधित मामले, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ एवं विकास से जुड़ी विभिन्न शिकायतों को उपायुक्त के समक्ष रखा।

जनता दरबार में उपस्थित प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों की प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लंबित शिकायत या विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उपायुक्त की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों को राहत देने और उनकी समस्याओं का एक ही मंच पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करने के निर्देश दिये।

उपायुक्त ने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निष्‍पादन के लिए कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत का अनावश्यक लंबित रहना स्वीकार्य नहीं होगा। सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। गंभीर प्रकृति के मामलों में अधिकारी स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वापरि होनी चाहिए।

जनता दरबार में पहुंचे फरियादी जितेंद्र नाथ ने उपायुक्त से शिकायत करते हुए कहा की वे जन्म से ही झारखंड के स्थानीय निवासी हैं और वे झारखंड में पले बढ़े है, लेकिन उनके पास अपनी कोई ज़मीन नहीं है। मैं एक आदिवासी परिवार होने के सभी मानदंडों को पूरा करता हूं।

इसलिए, मैंने अपने बेटे के लिए इस शिक्षा के लिए आवासीय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है क्योंकि वह एक संभावित छात्र है। उन्‍होंने कहा कि मैंने उसकी जेईई परीक्षा और प्रवेश के लिए भी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। लेकिन अंचल अधिकारी शहर प्रमाणपत्र देने से इनकार कर रहे हैं, क्योंकि मेरे पास कोई ज़मीन नहीं है, जबकि आवेदक सभी दस्तावेज अंचल में जमा कर दिया है।

इसपर उपायुक्त ने सम्बंधित अंचल अधिकारी को फोन पर कड़ी फटाकर लगाते हुए प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया। साथ इसकी सूचना भी उन्हें उपलब्ध कराने को कहा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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