करंट लगे युवक को पीएचसी में नहीं मिला ऑक्सीजन, मौत

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करंट लगे युवक को पीएचसी में नहीं मिला ऑक्सीजन, मौत


पलामू, 30 अगस्त (हि.स.)। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह फेल है। इसका बड़ा उदाहरण रविवार को देखने को मिला। जिले के तरहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करंट लगने से गंभीर हालात में लाये गए मिसिर पतरा के आशीष कुमार (30) को ऑक्सीजन तक नहीं मिला। एंबुलेंस से मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने के क्रम में ०१ किलोमीटर जाते ही तेल खत्म हो गया। निजी वाहन की व्यवस्था करने में समय लगा और युवक की मौत हो गई। एमएमसीएच में परिजन और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर ऑक्सीजन मिल जाता और एंबुलेंस का तेल खत्म नहीं होता तो आशीष की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी कहा कि जब जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव से शिकायत की गई तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया।

जानकारी के अनुसार आशीष कुमार को करंट लगने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरहसी में इलाज के लिए लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पांच ऑक्सीजन सिलेंडर रहने के बावजूद मरीज को नहीं लगाया गया। इसी तरह सरकारी एंबुलेंस से मरीज को लाने पर ०1 किलोमीटर जाते ही गाड़ी का तेल खत्म हो गया। साहद पुल पर एयर लेने से एम्बुलेंस खड़ी हो गई। दूसरी गाड़ी का इंतजाम करने में समय लगा और मरीज की हालत और गंभीर हो गई। एमएमसीएच लाते लाते उसकी मौत हो गई।

इधर, जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी एंबुलेंस से मरीज को अस्पताल लाने का सारा खर्च सरकार वहन करती है। अगर तेल खत्म हो जाने का मामला है तो इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ऑक्सीजन नहीं मिलने के मामले को भी देखा जाएगा।

इधर, मामले पर तरहसी के जनप्रतिनिधि पूर्व मुखिया प्रत्याशी गोपाल प्रसाद, युवा नेता उज्जवल पांडेय और उपमुखिया सुधीर यादव ने कहा कि इस मामले में केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। स्वास्थ्य विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आशीष कुमार को समय पर ऑक्सीजन क्यों नहीं दिया और सरकारी एंबुलेंस में पर्याप्त ईंधन क्यों नहीं था। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार

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