लोगों को भा रही जेएसएलपीएस की महिलाओं के हाथों बनी राखियां

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लोगों को भा रही जेएसएलपीएस की महिलाओं के हाथों बनी राखियां


दुमका, 25 अगस्त (हि.स.)। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और बाजार से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिले के रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत शादीपुर गांव की महादेव सखी मंडल की दीदियों की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर आकर्षक और पूरी तरह हस्तनिर्मित राखियां तैयार की जा रही हैं।

महादेव सखी मंडल की अनुषा चक्रवर्ती, मंदाकिनी चक्रवर्ती, दीपाली गोस्वामी एवं शीला चक्रवर्ती अपने हुनर से विभिन्न प्रकार की सुंदर राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों की खासियत यह है कि सभी राखियां पूरी तरह हाथ से बनाई जा रही हैं। राखियों को बनाने में मौली, कॉटन धागा, जूट फैब्रिक, स्टोन, धान, कौड़ी, फैब्रिक ग्लू, सजावटी धागा, लेस और प्लास्टिक मोती सहित अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय कला और महिलाओं की रचनात्मकता से तैयार ये राखियां लोगों को काफी आकर्षित कर रही हैं।

इन हस्तनिर्मित राखियों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार में बिक्री की जिम्मेदारी समाज लाहा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, रानीश्वर ने संभाल रखी है। कंपनी इन उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने और ग्रामीण महिलाओं के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग कर रही है।

राखियों की बिक्री के लिए रघुनाथपुर में स्टॉल लगाया गया है, जहां 10 और 20 रूपये की कीमत पर विभिन्न प्रकार की हस्तनिर्मित राखियां उपलब्ध हैं। स्टॉल पर पहुंच रहे खरीददार इन राखियों में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इन्हें तैयार करने वाली महिला समूह की दीदियों के हुनर एवं प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

इसके साथ ही श्रावणी मेला बासुकीनाथधाम में जेएसएलपीएस के स्टॉल पर भी इन हस्तनिर्मित राखियों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्थानीय महिलाओं की ओर से तैयार उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। जेएसएलपीएस की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार और आय के बेहतर अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

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