गांव छोड़ब नहीं, जेपीएससी कर लड़ाई छोड़ब नहीं : पद्मश्री मधु मंसूरी

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गांव छोड़ब नहीं, जेपीएससी कर लड़ाई छोड़ब नहीं : पद्मश्री मधु मंसूरी


रांची,06 अगस्त (हि.स.)। नागपुरी लोकगायक और पद्मश्री सम्मानित कलाकार मधु मंसूरी ने गुरुवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में आयोजित जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आमरण अनशन कार्यक्रम में पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने अपने चर्चित नागपुरी गीत की पंक्तियां 'गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, माय माटी छोड़ब नहीं, जेपीएससी कर लड़ाई छोड़ब नहीं' गीत गाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उनके गीत पर अनशन स्थल पर मौजूद छात्र भी पूरे जोश के साथ स्वर मिलाते नजर आए। सभी झूमने लगे और छात्रों ने उनके बोल गुनगुनाकर झूमने लगे।

उन्होंने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य है कि योग्य और प्रतिभाशाली युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। आज छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में आमरण अनशन कर अपने हक, अधिकार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि युवाओं की यह लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहनी चाहिए।

मधु मंसूरी ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के समय जिस समृद्ध और न्यायपूर्ण व्यवस्था का सपना देखा गया था, वह आज भी अधूरा है। गांवों से बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर युवा शहरों में आते हैं, लेकिन यहां भी उन्हें सरकारी उपेक्षा और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि अलग राज्य बनने के वर्षों बाद भी झारखंड के युवाओं को अपने अधिकार और रोजगार के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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