झारखंड विधानसभा : विधायक प्रदीप प्रसाद ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग सदन में उठाई

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झारखंड विधानसभा : विधायक प्रदीप प्रसाद ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग सदन में उठाई


झारखंड विधानसभा : विधायक प्रदीप प्रसाद ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग सदन में उठाई


रांची, 13 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 13 वें दिन शुक्रवार को सदन में वकीलों की सुरक्षा को लेकर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग एक बार फिर उठी। हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में सवाल उठाते हुए पूछा कि राज्य में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने को लेकर सरकार क्या पहल कर रही है।

इस पर जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि यह मामला इंडियन बार काउंसिल से जुड़ा हुआ है और इस पर विभिन्न स्तरों पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में सरकार ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। लेकिन अधिवक्ताओं के कल्याण और सुरक्षा के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

इस दौरान विधायक सीपी सिंह ने भी सरकार से सवाल किया कि सरकार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने जा रही है या नहीं और यदि बना रही है तो इसे कब तक लागू किया जाएगा।

इसके जवाब में मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। किसी भी तरह की घटना होने पर सरकार कार्रवाई करती है और वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

मंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाया सवाल

झारखंड विधानसभा के बाहर सत्ता पक्ष के विधायकों ने एलपीजी की किल्लत और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में शामिल झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा कि आज देश की जनता गंभीर संकट का सामना कर रही है।

मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने केंद्र सरकार झुक गई है और इसका खामियाजा आज देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर घर में एक ही चिंता है कि एलपीजी सिलेंडर कहां से मिलेगा और गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल और डीजल कैसे खरीदा जाएगा। यह सवाल आज देश का हर नागरिक पूछ रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी की किल्लत साफ दिखाई देने लगी है। जिन कारोबारियों का काम कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर है, उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है और इसका असर आम लोगों के किचन तक पहुंच चुका है।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल नारों और प्रतीकों की राजनीति कर रही है। संसद में विपक्ष के नेताओं ने कई बार प्रधानमंत्री को गैस संकट के बारे में आगाह किया, लेकिन सरकार इस पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि देश की जनता संकट झेल रही है। जबकि प्रधानमंत्री संसद में आकर इन सवालों का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी की आपूर्ति तुरंत सामान्य की जाए और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण कर आम लोगों को राहत दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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