झारखंड विधानसभा में धान खरीद में गड़बड़ी का मुद्दा गरमाया, मैक्लुस्कीगंज में अवैध ईंट भट्ठों पर भी उठे सवाल
रांची, 16 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन सोमवार को सदन में धान खरीद में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य में धान खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और इसे गंभीर घोटाला करार दिया।
जनार्दन पासवान ने सदन में कहा कि राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे लोग, जिनके पास कृषि योग्य जमीन तक नहीं है, वे भी 400 से 500 क्विंटल तक धान सरकार को बेच रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार से धान लाकर झारखंड में बेचा जा रहा है, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पर जवाब देते हुए राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इस तरह का कोई मामला अभी तक सरकार के संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि इस संबंध में कोई शिकायत या ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो सरकार इसकी जांच कराएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि धान खरीद की पूरी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितता हो रही है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और अवैध ईंट भट्ठों का मुद्दा भी उठा
इस दौरान सदन में मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और वहां संचालित अवैध ईंट भट्ठों का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक प्रकाश राम ने कहा कि सरकार एक ओर मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर इलाके में ईंट भट्ठों और क्रशर के संचालन से प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई ईंट भट्ठे नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे हैं और इस पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि राज्य सरकार ने मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 30 ईंट भट्ठों के संचालन की जानकारी मिली है और सभी संचालकों से कागजात की मांग की गई है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच विधायक सीपी सिंह ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रश्न में नौ अवैध ईंट भट्ठों का जिक्र किया गया है, जबकि मंत्री 30 भट्ठों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर विभागीय मंत्री मामलों को टालते रहते हैं और जब विधानसभा में सवाल उठता है, तभी सरकार की नींद खुलती है।
वहीं विधायक प्रकाश राम ने स्पष्ट किया कि विभागीय जवाब में जिले के 30 भट्ठों का उल्लेख है, लेकिन उन्होंने विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र में संचालित नौ अवैध ईंट भट्ठों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इन अवैध भट्ठों के कारण क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर पर्यटन पर पड़ रहा है और पर्यटकों की संख्या भी घट रही है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

