रांची में स्वर्वेद महामंदिर के प्रारूप में बनेगा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल
-जिला स्कूल परिसर में 150 फीट चौड़ा और 100 फीट ऊंचा होगा पंडाल-30 फीट ऊंचे गर्भगृह में विराजेंगी मां दुर्गा-नौ कन्याओं के पूजन के बाद पंडाल के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे
रांची, 13 अक्टूबर (हि.स.)। रांची की श्री राम लला पूजा समिति अपने आयोजन के तीसरे वर्ष में श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति से जुड़ा भव्य अनुभव कराने की तैयारी में जुटी है। समिति ने इस वर्ष रांची जिला स्कूल परिसर में वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर के प्रारूप पर दुर्गा पूजा पंडाल बनाने का निर्णय लिया है। पंडाल की भव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वाराणसी के उमरहा क्षेत्र में स्थित स्वर्वेद महामंदिर अपनी विशाल स्थापत्य शैली और आध्यात्मिक स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण दिसंबर 2004 में शुरू हुआ था और 18 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। यह मंदिर विहंगम योग परंपरा से जुड़ा आध्यात्मिक केंद्र है, जहां साधना, ध्यान, योग और अध्ययन को विशेष महत्व दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भव्य पूजा पंडाल बनाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना भी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष स्वर्वेद महामंदिर के प्रारूप को रांची में आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
समिति के महासचिव कुणाल अजवानी ने बताया कि वर्ष 2024 में समिति ने श्रीराम मंदिर के प्रारूप पर पूजा पंडाल बनाया था। उस दौरान झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल देखने पहुंचे थे। वर्ष 2025 में गुजरात के भुज स्थित स्वामीनारायण मंदिर के प्रारूप को रांची जिला स्कूल परिसर में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि समिति हर वर्ष धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अलग-अलग भव्य प्रारूप श्रद्धालुओं के सामने लाने का प्रयास करती है। इसी कड़ी में इस बार स्वर्वेद महामंदिर को थीम के रूप में चुना गया है।
कुणाल अजवानी ने बताया कि इस वर्ष प्रस्तावित पंडाल की चौड़ाई लगभग 150 फीट और ऊंचाई 100 फीट होगी। इसके मध्य में करीब 30 फीट ऊंचा गर्भगृह बनाया जा रहा है, जिसमें मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। श्रद्धालुओं को यहां मां के दर्शन का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंडाल के निर्माण में स्थापत्य कला, सजावट और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे कि पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं को यादगार धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।
समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी और महासचिव कुणाल अजवानी ने बताया कि पंडाल के उद्घाटन के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही नौ कन्याओं के पूजन के बाद उनके माध्यम से भी पंडाल का उद्घाटन करवाया जाएगा। इसके बाद मां भवानी के भक्तों के लिए पंडाल दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
समिति की ओर से बताया गया कि पंडाल में प्रतिदिन शाम छह बजे से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। झारखंड के विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए समिति के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
समिति की बैठक में सदस्यों ने पूजा आयोजन को अधिक भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सुझाव दिए। अध्यक्ष अशोक चौधरी और महासचिव कुणाल अजवानी ने सभी सदस्यों से तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की। समिति का कहना है कि रांची जिला स्कूल परिसर में बनने वाला यह पंडाल श्रद्धा, आध्यात्मिकता, संस्कृति और कला का संगम होगा तथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर प्रेमचंद श्रीवास्तव, दिलीप सोनी, प्रकाश धेलिया, महेश सोनी, संजय गुप्ता, प्रमोद सारस्वत, बादल सिंह, निर्मल जालान, रवि प्रकाश टुना, अनिल चौधरी, दीपक चौधरी, शुभम मित्तल, राजीव सिंह, अमन प्रकाश, शुभम शर्मा, सोनू भारद्वाज, उमेश प्रसाद, ओम प्रकाश शर्मा, कमलेश शर्मा, भावेन राठौर और प्रथम भाला सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

