इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों की समझ जरूरी : डॉ उदय
रांची, 07 अक्टूबर (हि.स.)। सरला बिरला विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के बीच हुए शैक्षणिक करार के तहत
सरला बिरला विश्वविद्यालय में बुधवार को इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक उपयोग पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के बायो-प्रोडक्ट्स एंड बायोसिस्टम्स इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ उदय बी सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसका प्रभाव लगभग हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में नई तकनीकों के पीछे चलने के बजाय इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों को समझना बेहद जरूरी है। मजबूत बुनियादी ज्ञान, तार्किक सोच और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने की क्षमता ही एक बेहतर इंजीनियर की पहचान है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों के साथ-साथ अपने मूल विषयों की समझ मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग का उद्देश्य सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि समाज और वास्तविक जीवन की समस्याओं के उपयोगी एवं टिकाऊ समाधान तैयार करना है।
प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में महानिदेशक प्रोफेसर गोपाल पाठक, कुलपति प्रोफेसर सी जगनाथन, कुलसचिव प्रोफेसर एसबी दंडिन सहित डीन, एसोसिएट डीन और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

