थाना चौक पर 40 डीसमिल जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने
रामगढ़, 03 मई (हि.स.)। थाना चौक पर 40 डिसमिल जमीन पर कब्जे को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। रविवार को एक तरफ जहां प्रशासन नीट की परीक्षा में व्यस्त था, दूसरी तरफ वजीरूद्दीन सिद्दीकी ने झारखंड उच्च न्यायालय का हवाला देकर पॉश इलाके की 40 डिसमिल जमीन पर जेसीबी चलाने का प्रयास किया। वहीं अमरेश गणक ने उस भू-खंड को पुश्तैनी करार देते हुए विरोध किया। मामला इतना अधिक बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और बिना वैध आदेश के काम करने पर रोक लगा दी। उन्होंने जमीन कब्जा करने पहुंचे वजीरूद्दीन सिद्दीकी से थाने में बॉन्ड लिखवाया और कहा कि बिना दंडाधिकारी और पुलिस की मौजूदगी के बिना जमीन पर किसी भी तरह का काम वह नहीं करेंगे। यदि उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश दिया है तो वह एसडीओ कार्यालय जाएं और वहीं से दंडाधिकारी की नियुक्ति कराएं। जबरन जमीन पर काम करना और विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करना उचित नहीं है।
पूर्व में हुई जमीन मापी के आधार पर एक पक्ष ने भूमि पर कार्य शुरू कराने का प्रयास किया। लेकिन दूसरे पक्ष के विरोध और पुलिस हस्तक्षेप के बाद काम रोक दिया गया। मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दी गई है।
जानकारी के अनुसार वजीरूद्दीन सिद्दीकी ने अपने पिता शेख अब्दुल समद के नाम पर खरीदी करीब ०3 एकड़ 30 डिसमिल जमीन पर दावा किया है। उनका कहना है कि संबंधित जमीन की डीड के आधार पर रामगढ़ अंचल कार्यालय में जमाबंदी कायम है और अद्यतन रसीद भी जारी हो रही है। उनकी पहल पर प्रशासनिक स्तर पर जमीन की मापी कराई गई थी। मापी के दौरान कुछ प्लॉटों पर जमीन खाली नहीं पाई गई, जबकि कुछ हिस्सों में आंशिक या पर्याप्त खाली भूमि होने की जानकारी मिली। संबंधित नक्शा एवं रिपोर्ट तैयार की गई थी।
वजीरूद्दीन सिद्दीकी ने जिला प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष ने भी अपने दावे को सही बताते हुए निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताई है। फिलहाल भूमि विवाद का समाधान प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

