मनरेगा मजदूरों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान ट्रेड यूनियनों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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मनरेगा मजदूरों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान ट्रेड यूनियनों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन


रांची, 15 मई (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम करने वाले सैकडों मजदूरों ने राज्ये भर में शुक्रवार को अपने-अपने कार्यस्थलों पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की।

इस आंदोलन का आयोजन संयुक्त रूप से कृषि और ग्रामीण मजदूर यूनियनों के संयुक्त मंच और नरेगा संघर्ष मोर्चा की ओर से किया गया। हडताल के दौरान राजधानी रांची के मेन रोड में जेकेजीएमयू, जेआरकेएस और सीटू सहित अन्यक ट्रेड यूनियनों केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। इन यूनियनों के संयुक्त मंच और संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व में ही इस हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी।

यह हड़ताल 12 फरवरी 2026 को आयोजित अखिल भारतीय आम हड़ताल के दौरान उठाई गई मांगों को लेकर चल रहे तेज़ होते संघर्ष को लेकर था। संयुक्त मंच ने भारत की एकमात्र कानूनी रूप से गारंटीकृत रोजगार योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कड़ी निंदा की और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

ट्रेड यूनियनों की प्रमुख मांगे

इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण रोजगार गारंटी सुनिश्चित करना है, जिसके तहत चार बुनियादी मांगें उठाई गई हैं। इन मांगों के तहत, पहले वीबी-जी राम-जी अधिनियम को तुरंत निरस्त कर एक कानूनी रूप से मजबूत मनरेगा ढांचे को बहाल करना, आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर परिवार को सालाना कम से कम 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने, महंगाई सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार संशोधित होने वाली 700 रुपये की न्यूनतम दैनिक मजदूरी लागू करना है।

साथ ही डिजिटल उपस्थिति, आधार-लिंक्ड भुगतान और विशेष रूप से हाल ही में लागू की गई चेहरा पहचानने वाली (फेसियल रिकग्निशन) उपस्थिति प्रणाली पर रोक लगाने, स्थानीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम सभाओं को मनरेगा कार्यों के नियोजन, क्रियान्वयन और सोशल ऑडिट की मुख्य जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें पूरी तरह सशक्त बनाना शामिल है।

इस अवसर पर, झारखंड खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, झारखंड राज्य किसान सभा और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स की राज्य कमेटियों ने मेहनतकश जनता से अपील की है कि वे मौजूद वर्ग के रोजगार की गारंटी के मुद्दे पर चल रहे संघर्ष के साथ दृढ़ता से खड़े हों।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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