सरकार की चुनाव को बाधित करने की मंशा को करारा जवाब देगी जनता : सेठ

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सरकार की चुनाव को बाधित करने की मंशा को करारा जवाब देगी जनता : सेठ


रांची, 21 फ़रवरी (हि.स.)। नगर निकाय चुनाव को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि रांची के लाखों परिवारों के मतदान केद्रों को साजिश के तहत इधर-उधर किया गया है, ताकि मतदान बाधित हो सके। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर बुर्के में पुलिस की तैनाती करके राज्य को संविधान से हटकर शरिया कानून की तरफ धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। सेठ ने यह बातें शनिवार को अपने केंद्रीय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

संजय सेठ ने कहा कि रांची सहित पूरे झारखंड में हो रहे नगर निकाय चुनाव का श्रेय सिर्फ और सिर्फ रांची से भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो को जाता है। राज्य सरकार की मंशा यह चुनाव कराने की बिल्कुल नहीं थी। रोशनी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और लंबी लड़ाई लड़ी तब आज झारखंड के हर नगर निकाय को यह अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं थी, इसलिए वह कदम-कदम पर इस चुनाव को बाधित करने का काम कर रही है।

इस कड़ी में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है कि एक ही परिवार से जुड़े सदस्यों का बूथ अलग-अलग वार्डों में कर दिया गया है, जबकि आज से पहले परिवार के सभी सदस्य एक ही बूथ पर अपना वोट डालते थे।

उनका और उनकी पत्नी का मतदान केंद्र बदला

उन्होंंने कहा कि उनके परिवार में उनका मतदान केंद्र कोई और है, जबकि उनकी पत्नी का मतदान केंद्र कोई और कर दिया गया है। ऐसा राज्य के लाखों परिवारों के साथ जानबूझकर किया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके पीछे राज्य सरकार और प्रशासन की मंशा यही है कि मतदान का प्रतिशत कम से कम हो। सेठ ने कहा कि एक तरफ हम टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य की सरकार बैलेट पेपर पर मतदान करा रही है ताकि मतदान बाधित हो सके। ऐसी सरकार की मंशा पर 23 फरवरी को पूरे राज्य की जनता गहरा चोट करने वाली है। चाहे राज्य का शासन-प्रशासन चुनाव को बाधित करने का जितना प्रयास करे, हर नगर निकाय क्षेत्र से भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की रिकॉर्ड जीत सुनिश्चित होगी, क्योंकि यह अब जनता का चुनाव बन चुका है।

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि हजारीबाग में मुस्लिम बहुल बूथों पर बुर्का पहनाकर पुलिस की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि झारखंड का शासन प्रशासन राज्य को किस ओर ले जाना चाह रहा है। क्या बुर्का संविधान से ऊपर हो गया है। यह राज्य की शासन व्यवस्था को जवाब देना चाहिए कि वह राज्य को भारत के संविधान के अनुसार चलाना चाहते हैं या शरिया के अनुसार चलाना चाह रहे हैं।

उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि उनका नाम चाहे किसी भी बूथ में हो, वोट देने जरूर जाएं और गलत मंशा से चुनाव कराने वालों को माकूल जवाब दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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