भाजपा की जीडीपी चमक के पीछे छिपा है देश के आम परिवारों का दर्द : अख्तर
रांची, 01 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की ओर से पेश किए जा रहे 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े खोखले हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि इस जीडीपी की चमक के पीछे आम भारतीय परिवारों की बेबसी, घटती बचत, बढ़ता कर्ज और एमएसएमई सेक्टर की तबाही छिपी है।
अख्तर अली ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र से पूछा कि सरकार 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन भारतीय परिवारों की शुद्ध वित्तीय बचत पिछले 50 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
वहीं दूसरी ओर, आम जनता पर व्यक्तिगत कर्ज रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। केंद्र सरकार जवाब दे कि क्या देश के लोग अपनी जमा-पूंजी खाकर या कर्ज लेकर अपना घर चलाने को विवश नहीं हैं, ताकि सरकार के जीडीपी का आंकड़ा चमकता रहे। एमएसएमरई का 30 लाख करोड़ का क्रेडिट गैप और के-शेप्ड रिकवरी देश में 90 प्रतिशत से अधिक रोजगार देने वाले छोटे और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) आज फंड की भारी कमी झेल रहे हैं। एमएसएमई सेक्टर में आज भी लगभग 30 ट्रिलियन (30 लाख करोड़ रुपये) का क्रेडिट गैप मौजूद है।
बैंकों का अधिकांश कर्ज चंद चुनिंदा बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है। चैंपियन एमएसएमई जैसी योजनाओं के विज्ञापनों के बावजूद जीडीपी में सूक्ष्म उद्योगों की हिस्सेदारी क्यों नहीं बढ़ रही, यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश में के-शेप्डण रिकवरी चल रही है, जहां अमीर और अमीर हो रहे हैं एवं छोटा व्यापारी खत्म हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

