वर्तमान युग ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का : राज्यपाल
रांची, 16 जून (हि.स.)। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि वर्तमान युग ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का युग है और युवाशक्ति ही राष्ट्रशक्ति है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सोच, संकल्प और नवाचार की क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत 2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी अनुसंधान, नवाचार तथा बहुआयामी शिक्षा को प्रोत्साहित करती है।
राज्यपाल मंगलवार को रांची के लोकभवन में आईआईटी (आईएसएम), धनबाद की ओर से आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी इंदौर से आए विद्यार्थियों के साथ संवाद में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता है और ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश की सांस्कृतिक समृद्धि को निकट से जानने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं तथा वीर स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली विरासत की भूमि है। उन्हें विश्वास व्यक्त किया कि झारखण्ड का अनुभव तथा यहां के लोगों का आत्मीय स्नेह विद्यार्थियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि केवल उत्कृष्ट करियर बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, उत्तरदायी और नैतिक नागरिक बनना भी उतना ही आवश्यक है। ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना है। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के हित में करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘युवा संगम’ का यह अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को और समृद्ध करेगा एवं वे झारखण्ड की संस्कृति, यहां के लोगों के स्नेह और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का संदेश अपने साथ लेकर लौटेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और आईआईटी इंदौर के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

