चालक की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस

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गोड्डा, 02 मार्च (हि.स.)। ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के अंतर्गत संचालित हुर्रा सी परियोजना में एमडीओ कंपनी मोंटे कार्लो में कार्यरत ट्रिपर चालक सदानंद महतो की अचानक हुई मौत ने खान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बोकारो जिले के गोमिया निवासी लाल महतो के पुत्र सदानंद महतो परियोजना में ट्रिपर चालक के रूप में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें जिला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, सदानंद महतो पूरी तरह स्वस्थ थे और नियमित रूप से कार्य कर रहे थे। ऐसे में अचानक हुई मौत को लेकर कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। हालांकि अभी तक मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर कोई अधिकृत चिकित्सकीय रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल पर कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता कराया गया। जानकारी के अनुसार, मुआवजे के रूप में 5.50 लाख रुपये नकद तथा एक आश्रित को कंपनी में नौकरी देने की बात कही गई है। सोमवार को ललमटिया थाना में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम ) के जिला अध्यक्ष रमेश महतो, परिमल ठाकुर, अमित मंडल, बबीता कुमारी, प्रवीण महतो सहित अन्य लोगों की उपस्थिति में कंपनी के अधिकारी विजय के साथ वार्ता हुई, जिसके बाद समझौता हुआ।

इधर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सोनेलाल टुडू सहित कई ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि परियोजना में बाहरी श्रमिकों को संवेदनशील और जोखिमपूर्ण कार्यों में लगाया जा रहा है, जबकि स्थानीय युवक बेरोजगार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन नहीं हो रहा है और दुर्घटनाओं अथवा असामान्य मौतों को मुआवजे के आधार पर दबा दिया जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में हुए खदान हादसों में भी सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठे थे, किंतु ठोस सुधार के प्रमाण नजर नहीं आए। इस घटना के बाद श्रमिकों के बीच भय और असमंजस की स्थिति है। कई ट्रिपर चालक खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय कारणों को सार्वजनिक करना पारदर्शिता के लिए आवश्यक है, ताकि अफवाहों और संदेह की स्थिति समाप्त हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / रंजीत कुमार

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