खुदकुशी के लिए प्रेरित करने वाले दोषी को 10 साल की सजा
दुमका, 29 अगस्त (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वितीय योगेश सिंह की अदालत ने शनिवार को तीन साल पहले दहेज के लिए पत्नी को खुदकुशी के लिए प्रेरित करने वाले पति शिवनाथ माेहली को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियुक्त रानीश्वर के लवाडीह गांव का रहने वाला है। अदालत ने 10 गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपित को दोषी पाया।
सहायक लोक अभियोजक भवेंद्र सोरेन ने बताया कि लवाडीह गांव के कोलो मोहली ने वर्ष 2021 में अपनी बेटी होपनी मोहली की शादी गांव के शिवनाथ से की थी। शादी के दो साल बाद तक सब ठीक रहा। इसके बाद शिवनाथ दहेज के लिए पत्नी को परेशान करने लगा। उस पर ससुराल से पैसा लाने के लिए प्रताड़ित करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर मई 23 में होपनी ने घर में फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। मां के बयान पर पुलिस ने दामाद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। सरकारी वकील ने दलील दी कि पति ने ही महिला को जान देने के लिए विवश र किया। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर पति को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

