छात्र जिज्ञासु बनें, भीड़ का हिस्सा बनकर अनुसरण न करें : सुधीर मिश्रा
रांची,02 मई (हि.स.)। सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी के विधि विभाग की ओर से शनिवार को जर्नी ऑफ अ फर्स्ट जेनरेशन लॉयर:लेसन्स एंड ऑपर्च्युनिटीज विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सह ट्रस्ट लीगल के संस्थापक सह मैनेजिंग पार्टनर सुधीर मिश्रा ने दो टूक कहा कि छात्र जिज्ञासू बनें। वह कभी भी भीड़ का हिस्सा न बनें और न ही उसका अनुसरण करें। तभी सफलता प्राप्त होगी।
उन्होंने छात्रों को चुनौतियों को स्वीकार करने और अंधानुकरण से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधि को केवल पेशा नहीं,बल्कि कौशल के रूप में देखना चाहिए। इसमें समर्पण,स्पष्टता,विशिष्ट पहचान और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण की आवश्यकता होती है। इसलिए छात्रों को आर्थिक लाभ से अधिक दक्षता और पेशेवर विकास पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने ट्रस्ट लीगल लॉ फर्म का परिचय देते हुए विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मौके पर उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना कानूनी पृष्ठभूमि के उन्होंने इस क्षेत्र में अनेक चुनौतियों का सामना किया और पर्यावरण अधिवक्ता के रूप में पहचान बनाई। इसके साथ ही 28 वर्ष की उम्र में अपनी लॉ फर्म स्थापित करने का अनुभव भी साझा किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर गोपाल पाठक ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को पेशेवर ईमानदारी बनाए रखने और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ,जिसमें छात्रों ने कई सवाल पूछे।
इस अवसर पर सहायक प्राध्यापिका कोमल गुप्ता,विधि विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार,डीन डॉ.आर.के.सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षण उपस्थित रहे। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

