छात्रों की सरकार से अपील, विधानसभा मार्च की एफआईआर में किसी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए

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छात्रों की सरकार से अपील, विधानसभा मार्च की एफआईआर में किसी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए


छात्रों की सरकार से अपील, विधानसभा मार्च की एफआईआर में किसी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए


रांची, 13 अगस्त (हि.स.)। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। 10 अगस्त को हुए विधानसभा मार्च के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के छात्र नेताओं ने राज्य सरकार से अपील की है कि विधानसभा मार्च मामले में हुई एफआईआर में किसी भी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए।

छात्र नेताओं ने गुरुवार रात को प्रेसवार्ता कर आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कथित भ्रामक खबरों पर स्थिति स्पष्ट की। सरकार के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए आगे के आंदोलन की रूपरेखा भी बताई। छात्रों ने कहा कि 10 अगस्त के विधानसभा मार्च के बाद दर्ज एफआईआर में किसी भी छात्र का नाम शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार से इस संबंध में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।

छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार ने उनकी 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। उनका कहना है कि उनकी मुख्य मांग परीक्षाओं को रद्द करने से संबंधित थी और इस मांग के भी केवल एक सीमित हिस्से पर सहमति बनी है। छात्रों ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगें अभी पूरी तरह नहीं मानी गई हैं।

छात्र नेताओं ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें सरकार से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में छात्रों के शामिल नहीं होने की बात कही गई थी। छात्र नेता रविंद्र पासवान और पीयूष ने कहा कि वे स्वयं जेपीएससी और जेएसएससी की तैयारी करने वाले छात्र हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे अपने एडमिट कार्ड भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

मंच के अधिकृत प्रवक्ता रविंद्र पासवान और पीयूष ने स्पष्ट किया कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कोई कार्यक्रम उनकी ओर से घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों को भ्रामक बताते हुए छात्रों से अपील की कि वे केवल मंच के अधिकृत प्रवक्ताओं की ओर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

छात्र नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अपील की कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो कांग्रेस को छात्रों के हित में सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए। छात्रों ने मुख्यमंत्री से कार्मिक विभाग के प्रमुख के रूप में पुरानी नियुक्तियों में सामने आई गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा दरोगा, कांस्टेबल और फॉरेस्ट गार्ड सहित अन्य पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की।

वहीं, स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को छात्र भव्य तिरंगा यात्रा निकालेंगे। साथ ही छात्र नेताओं ने कहा कि उनका अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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