नेता प्रतिपक्ष ने बालू घाटों के संचालन, होल्डिंग टैक्स वसूली और सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
रांची, 17 अक्टूबर (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में बालू घाटों के संचालन, होल्डिंग टैक्स वसूली और सड़क निर्माण परियोजनाओं की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा है।
मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर मुख्यमंत्री को सम्बोधित करते हुए लिखा है कि अफसरों के भरोसे कुर्सी चल सकती है, जवाबदेही से छुट्टी नहीं मिल सकती ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में 302 बालू घाटों की नीलामी के बावजूद 288 घाट बंद। नीलामी का ढोल बज गया लेकिन जरूरी स्वीकृतियों की फाइलें वहीं अटकी हैं।
बालू चोरी के धंधे को बढ़ावा देने और इसे जारी रखने के लिये जानबूझकर इन बालू घाटों को नहीं खुलने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय स्वीकृति, ग्रामसभा की अनुमति और प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी किसकी है? प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी की भूमिका और उनके स्तर पर लंबित काम का हिसाब सरकार सार्वजनिक करे । बालू घाटों की नीलामी कर देने से जनता का घर नहीं बनेगा, बालू उपलब्ध कराने से बनेगा।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सुनील कुमार के जिम्मे पथ निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभाग हैं लेकिन 21 अगस्त से होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद है और वैकल्पिक व्यवस्था का अता-पता नहीं। पुरानी एजेंसी का एग्रीमेंट समाप्त कर दिया, नई व्यवस्था तैयार नहीं की। 21 अगस्त से होल्डिंग टैक्स वसूली क्यों बंद है। पुरानी एजेंसी का समझौता समाप्त होने की जानकारी, संबंधित नगर निकाय सरकार को वसूली बंद रहने की अवधि, राजस्व नुकसान और वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि रांची की 1,410 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं अधर में हैं जनता रोज परेशानी झेल रही है लगता है, सरकार में जिम्मेदारियाँ सौंपने की रफ्तार तेज है और जिम्मेदारी निभाने की रफ्तार लापता! सुनील कुमार और बक्शी की एक से बढ़कर एक कारगुज़ारियों से कौन परिचित नहीं है? विज्ञापन बंद करने की धमकी देकर अपने काले कारनामों की खबरें रुकवाने वाले आखिर कब तक अपने कर्मों पर पर्दा डालने में कामयाब होंगे? वे इसका क्या फायदा समझते हैं, यह तो वही जानें लेकिन ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि जनता सब देख और समझ रही है समय बदलने पर ऐसे लोगों के किए का पूरा हिसाब-किताब भी होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

