एसआईआर के नाम से कांग्रेस को आखिर इतनी बेचैनी क्यों : आदित्य साहू

WhatsApp Channel Join Now
एसआईआर के नाम से कांग्रेस को आखिर इतनी बेचैनी क्यों : आदित्य साहू


रांची,19 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एसआईआर के नाम से कांग्रेस को आखिर इतनी बेचैनी क्यों है। जबकि यह चुनाव आयोग की ओर से कराया जाने वाला एक नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है। एसआईआर के विरोध के पीछे केवल अपने घुसपैठिये फर्जी वोटरों को बचाना ही कांग्रेस का हिडन एजेंडा है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कांग्रेस की छटपटाहट की असली वजह को जनता बखूबी समझ रही है। दरअसल एसआईआर होने से राज्य में वोट बैंक के लिए फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ होना तय है,इसी चिंता से कांग्रेसी बौखलाए हुए हैं और अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। अब राज्य में ये फर्जी एवं अयोग्य मतदाता किस दल के वोट बैंक है,ये किसके लिए चुनावी चूरन हैं,बतलाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस इस मामले को तूल देकर अपनी हिडन एजेंडा को साध रही है। कांग्रेस झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर इसे राजनीति रंग देने का काम कर रही है।

साहू ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देश में एसआईआर क्या कोई पहली बार हो रहा है? यह एक नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है। चुनाव आयोग की ओर से समय-समय पर मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए इस तरह का अभियान चलाया जाता रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मरे हुए, डुप्लीकेट या किसी दूसरे जगह जा चुके मतदाताओं के नाम हटाना और योग्य नए मतदाताओं का नाम जोड़ना होता है।

साहू ने कहा कि दरअसल देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है। देश की आजादी के बाद से अब तक आठ बार किया जा चुका है। अधिकांश एसआईआर तो कांग्रेस के जमाने में ही हुआ तब उसका विरोध कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने क्यों नहीं किया। कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में आई। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए,एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की ही सरकार देश में रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई। आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

Share this story