जमुआ विधायक मंजू कुमारी के साथ अधिकारी के व्यवहार पर बाबूलाल मरांडी ने जताया एतराज

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जमुआ विधायक मंजू कुमारी के साथ अधिकारी के व्यवहार पर बाबूलाल मरांडी ने जताया एतराज


रांची, 10 अप्रैल (हि.स.)। जमुआ की भाजपा विधायक मंजू कुमारी के साथ पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के कथित अपमानजनक व्यवहार पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ा एतराज जताया है।

बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि जो तस्वीर सामने आई है, वह सिर्फ एक तस्वीर नहीं… यह सत्ता पोषित घमंड और व्यवस्था की सड़ांध का जीता-जागता प्रमाण है। एक तरफ जनता की ओर से चुनी गई विधायक, और दूसरी तरफ एक विवादों में घिरे रहे अधिकारी लेकिन व्यवहार ऐसा, मानो जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि कोई फरियादी सामने बैठा हो। क्या यही लोकतंत्र है। क्या यही सम्मान है जनता के वोट का।

मरांडी ने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री तक आम नागरिक को अपने पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो ये राज्य के अधिकारी किस घमंड में चूर हैं। जो अधिकारी विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो आम जनता को क्या समझेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।

मरांडी ने कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले ही भ्रष्टाचार के दागों से सना हुआ है और अब उसके अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी दरबारी समझने लगे हैं। अहंकार इतना कि शिष्टाचार भी भूल गए। ये तो और भी शर्मनाक है कि एक महिला विधायक के साथ भी ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का अपमान है।

मरांडी ने मुख्यमंत्री से संज्ञान लेते हुए ऐसे कमाऊ, बेलगाम और मनबढू अधिकारियों को उनकी औकात याद दिलाने की बात कही है।

मरांडी ने कहा है कि मुख्यमंत्री उन्हें समझाइए कि वे जनता के सेवक हैं, शासक नहीं। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ संदेश जाएगा कि झारखंड में ऐसे विवादास्पद तमाम अधिकारी ही असली सत्ता हैं और मुख्यमंत्री सहित दूसरे जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के हैं। व्यवस्था की गरिमा बचाने के लिये अनुशासन बनाये रखना बेहद ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि याद रखें अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत हमेशा एक ही होता है। जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी। फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को करना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की ओर से चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सम्मान बचाना है या ऐसे ही घमंडी अधिकारियों को खुली छूट देनी है। एक दिन जब मुख्यमंत्री भी कभी सत्ता से बाहर होगें न तो ऐसे ही अधिकारी उन्हें भी औकात बताने में तनिक भी परहेज नहीं करेंगे। यह बात उन्हें याद रखनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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