राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव का वैदिक मंत्रोच्चारण से शुभारंभ
दुमका, 29 जुलाई (हि.स.)। बासुकीनाथ धाम में बुधवार काे वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा बासुकीनाथ धाम गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार, सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर मेला महोत्सव का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का महापर्व है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ के दर्शन एवं जलार्पण के बाद अपने साथ एक सुखद और बेहतर अनुभव लेकर अपने घर लौटें, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर आयुक्त ने कहा कि देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के बाद बाबा बासुकीनाथ के दरबार में जलार्पण के बाद ही श्रद्धालुओं की यात्रा पूर्ण मानी जाती है। आयुक्त ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय से पहले अपने ड्यूटी स्थल को नहीं छोड़ें। जब तक उनके स्थान पर सहयोगी कर्मी नहीं पहुंच जाते, तब तक अपने कर्तव्य स्थल पर पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ उपस्थित रहें।
वहीं उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम जलार्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि बाबा बासुकीनाथ के दरबार में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम एवं सुखद वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगभग 3000 पुलिस बल एवं लगभग 700 मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगभग 150 चिकित्सकों की तैनाती, 20 एंबुलेंस की व्यवस्था तथा टोटो एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 200 स्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 20,000 वाहनों की पार्किंग क्षमता की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि शिवगंगा में वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की व्यवस्था की गई है जो सिर्फ श्रावणी मेला ही नहीं पूरे वर्ष कार्यरत रहेगा। श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर जलापूर्ति केंद्र बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी की व्यवस्था की गई है, जिसकी क्षमता लगभग 5000 श्रद्धालुओं की है। टेंट सिटी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए डिस्पोजेबल बेडशीट की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए खोया-पाया केंद्र को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु के बिछड़ने की स्थिति में उन्हें शीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जा सके। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और एआई आधारित निगरानी प्रणाली की भी व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी तथा असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जाएगी।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेगा। हमारा प्रयास होगा कि प्रत्येक श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में बाबा बासुकीनाथ का दर्शन एवं जलार्पण कर सकें।
इधर, श्रावणी मेला महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही बाबा बासुकीनाथ की नगरी एक बार फिर आस्था के महासागर में डूब गई है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का खूब मनोरंजन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।
इस अवसर उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, प्रशिक्षु आईएफएस पुष्कर काले, पूर्व राज्यसभा सांसद अभयकांत प्रसाद, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल, नगर पंचायत अध्यक्ष वीणा देवी सहित अन्य उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

