राज्य सहकारी विकास समिति की बैठक  में 15 महत्वपूर्ण एजेंडों पर हुआ विचार-विमर्श

WhatsApp Channel Join Now
राज्य सहकारी विकास समिति की बैठक  में 15 महत्वपूर्ण एजेंडों पर हुआ विचार-विमर्श


रांची, 24 जुलाई (हि.स.)। झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने राज्य सहकारी विकास समिति की अध्यक्षता में शुक्रवार को समिति की चौथी बैठक हुई।

बैठक में झारखंड में सहकारिता क्षेत्र के विस्तार,आधुनिकीकरण,विविधीकरण एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण से संबंधित कुल 15 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। उसमें केन्द्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत पैक्स (पीएसीएस) के कम्प्यूटरीकरण,विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिला एवं एमपीसीएस का चयन, प्रत्येक जिला एवं अंचल में प्रतिमाह कम-से-कम दो पंचायत अथवा ग्राम स्तरीय दुग्ध एवं मत्स्य उत्पादक सहयोग समितियों के गठन तथा सहकारी बैंकों द्वारा 'सहकार से समृद्धि' की विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।

इसके अलावा पीएसीएस व एमपीसीएस को जन-सुविधा केन्द्र (सीएससी) एवं प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में विकसित करने,दुग्ध उत्पादक एवं मत्स्यपालन सहयोग समितियों की त्रिस्तरीय संरचना स्थापित करने तथा कम्प्यूटरीकृत 240 एमपीसीएस में डिपॉजिट मोबाइलाइजेशन स्कीम प्रारम्भ करने पर विचार किया गया। वहीं निबंधक,सहयोग समितियाँ के कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण तथा प्रस्तावित झारखण्ड राज्य सहकारिता नीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सभी प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति से समिति को अवगत कराया गया। प्रत्येक एजेंडे पर विस्तृत समीक्षा के उपरान्त आवश्यक निर्णय लिए गए तथा संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्धारित कार्यों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सचिव,कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग,सचिव,एससीडीसी, वित्त विभाग,राजस्व,निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग,खाद्य,सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग,झारखण्ड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,धनबाद केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित निगमों सहित नाबार्ड व अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

Share this story