प्रधान यादव के सुसाइड नोट से पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, एसएसपी ने जांच अधिकारी को किया सस्पेंड

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प्रधान यादव के सुसाइड नोट से पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, एसएसपी ने जांच अधिकारी को किया सस्पेंड


रांची, 15 जून (हि.स.)। शहर के धुर्वा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की खुदकुशी के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रधान यादव ने खुदकुशी से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में पुलिसकर्मियों और कुछ स्थानीय लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले के जांच अधिकारी लालमोहन पांडेय को निलंबित कर दिया है। धुर्वा थाना प्रभारी अरुण महथा के निलंबन की भी अनुशंसा की गई है।

इस सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने लिखा था कि पांच जून 2026 को प्रधान यादव के बेटे जितेंद्र के साथ उनकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद उनके परिवार पर लाठी और तलवार से हमला किया गया। हमले में उनकी पत्नी सविता देवी और पिता धुमराज यादव घायल हो गए थे। प्रधान ने आरोप लगाया है कि इस हमले में जितलेश यादव, धर्मेंद्र यादव और चिरईयां सहित अन्य लोगों की भूमिका थी।

प्रधान यादव ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि घटना के बाद जब वह अपनी घायल पत्नी के साथ खून से लथपथ हालत में धुर्वा थाना पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उन पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने थाना के लालमोहन पांडेय, टुडू सर और यादव के चार पुत्रों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

प्रधान यादव के खुदकुशी की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रधान यादव का शव लेकर धुर्वा थाना पहुंच गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने हटिया डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आईओ लालमोहन पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं धुर्वा थाना प्रभारी अरुण महथा के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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