बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूर्व की भांति जारी रहेगी स्पर्श पूजा: सभा
देवघर, 05 जुलाई (हि.स.)। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में स्पर्श पूजा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंदिर में पूर्व की भांति ही स्पर्श पूजा जारी रहेगी और पूजा-पद्धति में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के वरीय उपाध्यक्ष चंद्र शेखर खबाड़े ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि हाल ही में पंडा धर्मरक्षिणी सभा और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए बाह्य अर्घा की व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाह्य अर्घा की व्यवस्था केवल उन श्रद्धालुओं के लिए की जा रही है, जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं, शीघ्र दर्शनम कूपन का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं या फिर बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और बच्चे हैं, जिनका उद्देश्य केवल बाबा पर जल अर्पित करना है। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए यह एक वैकल्पिक सुविधा होगी।
खबाड़े ने कहा कि मंदिर की पारंपरिक पूजा-पद्धति, स्पर्श पूजा या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन, छेड़छाड़ या प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। श्रद्धालु पहले की तरह गर्भगृह में स्पर्श कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 15 जुलाई 2026 को श्रावण मास की पूजा व्यवस्था को लेकर एक और बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद व्यवस्थाओं को लेकर और अधिक स्पष्टता सामने आएगी। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि बाबा मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन या कैमरे से फोटो, वीडियो, रील और सेल्फी लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाह्य अर्घा जलार्पण का एक वैकल्पिक माध्यम होगा, जिससे मंदिर की परंपरागत पूजा व्यवस्था और स्पर्श पूजा पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

