सोहराय चित्रकला कार्यशाला में बच्चों ने सीखी कला की बारीकियां

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सोहराय चित्रकला कार्यशाला में बच्चों ने सीखी कला की बारीकियां


रांची, 09 जून (हि.स.)। आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी (आईआईएबी), रांची में आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप के अंतर्गत कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से निःशुल्क सोहराय चित्रकला कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हुई।

एग्री बायोटेक ऑर्गनाईजेशन फॉर वेल्यूक एजूकेशन (एबव) की ओर आयोजित इस कार्यशाला में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए झारखंड की पारंपरिक सोहराय कला की बारीकियां सीखीं।

आईआईएबी के निदेशक सुजय रक्षित ने कहा कि झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी तक इसके प्रसार के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। वहीं कार्यशाला की संयोजक अरूनीता ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है।

समापन कार्यक्रम के अवसर पर बच्चों ने तैयार सोहराय चित्रों और अन्य कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे वैज्ञानिकों, अभिभावकों और अतिथियों ने सराहा। 11 जून को समर कैंप की अंतिम प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

कार्यशाला का संचालन कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के संस्थापक धनंजय कुमार ने किया। उन्होंने बच्चों को सोहराय कला के इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, पारंपरिक प्रतीकों तथा प्राकृतिक रंगों के उपयोग की जानकारी दी। बच्चों ने स्वयं चित्र बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में बडी संख्या में लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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