खर्राटा गंभीर बीमारी स्लीप एपनिया का हो सकता है संकेत : डॉ रामाधीन

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खर्राटा गंभीर बीमारी स्लीप एपनिया का हो सकता है संकेत : डॉ रामाधीन


रांची, 22 फ़रवरी (हि.स.)। राजधानी रांची के ईएनटी और स्लीप सर्जन डॉ अभिषेक के रामाधीन ने मुंबई में आयोजित 14 वें वर्ल्ड कांग्रेस–ईएसएसएस–आईएएसएसकॉन 2026 में भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के डॉक्टर शामिल हुए। सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने किया। इस अवसर पर डॉ मिलिंद कीर्तने, प्रो मारिया सुवार्ना (अमेरिका) और डॉ विकास अग्रवाल उपस्थित थे।

डॉ रामाधीन इस सम्मेलन में झारखंड से एकमात्र प्रतिभागी थे। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सत्र अंडरस्टैंडिंग इंदौटाइप्स एंड फिनाटाइप्स फॉर टाइलोरेड थेरेपी में फैकल्टी (फैकल्टी) के रूप में भाग लिया और चर्चा में योगदान दिया।

डॉ रामाधीन ने बताया कि आमतौर पर लोग खर्राटे को हल्की समस्या समझते हैं, लेकिन यह एक गंभीर बीमारी स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। इस बीमारी में सोते समय बार-बार सांस रुकती है।

उन्होंने बताया कि यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए तो अचानक मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है और याददाश्त और दिमाग पर असर पड़ सकता है। डॉ रामाधीन ने कहा कि पुरुषों में कमजोरी (लो लिबिडो) हो सकती है और बच्चों के दिमागी विकास और आईक्यू पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद लोगों में इस बीमारी के बारे में जागरूकता बहुत कम है।

डॉ रामाधीन ने कहा कि खर्राटे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने रांची और झारखंड में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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