रमजान में सात वर्ष की नन्ही रुमैसा इबादत कर मांग रही सुख शांति की दुआ

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रमजान में सात वर्ष की नन्ही रुमैसा इबादत कर मांग रही सुख शांति की दुआ


रमजान में सात वर्ष की नन्ही रुमैसा इबादत कर मांग रही सुख शांति की दुआ


रामगढ़, 18 मार्च (हि.स.)। खुदा से प्रेम और इबादत के लिए कोई उम्र नहीं होती। रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। रमजान माह में रोजेदार रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। इसमें बच्चे भी पीछे नहीं हैं। रमजान में रोजा रखने वालों पर अल्लाह की रहमत की बारिश होती है। माना जाता है कि रमजान के माह में अल्लाह हर एक नेकी के बदले कई गुणा नेकियों का सबाब अता फरमाते हैं।

रमजान के महीने में छोटे बच्चे रोजा नहीं रखा करते। लेकिन नियम को तोड़ते हुए चितरपुर बेलाल नगर निवासी सह वरिष्ठ पत्रकार मोतिउल्लाह की

सात साल की बेटी रुमैसा रुखसार लगातार रमजान का रोजा रख रही है। रुमैसा के पिता ने बताया कि रुमैसा जब चार वर्ष कि थी तब से रोजा रख रही है। रूमेसा पूरे परिवार के साथ रोजा खोली। रुमैसा ने अल्लाह से अपने इस्लाम की तरक्की के लिए दुआ मांगी। उसका कहना है कि रोजा रखने की प्रेरणा मुझे अपने मम्मी-पापा से मिली।

ईद और ईदी का इंतजार

कोई भी त्योहार बच्चों के लिए विशेष खुशी लेकर आता है। रोजा रखने वाले बच्चे भी बेसब्री से ईद का इंतजार कर रहे हैं। 7 साल की रूमेसा ने बताया कि हर साल ईद में उन्हें घर में बड़े लोग ईदी देते हैं। जिससे उन्हें बहुत खुशी मिलती है। ईद में नए कपड़े पहनना व सेवइयां खाना उन्हें खूब भाता है। जिसके लिए उन्हें हर साल इस त्योहार का इंतजार रहता है। रूमेसा 4 सालों से रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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