सुरक्षित बचपन अभियान के तहत स्कूली बच्चों को दी गई कानूनी जानकारी
-बाल विवाह, बाल श्रम, यौन शोषण और साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
रामगढ़, 31 अक्टूबर (हि.स.)। बच्चों को उनके अधिकारों और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शनिवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के छठे दिन आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मो. तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन और प्राधिकार के सचिव अनिल कुमार के नेतृत्व में किया गया।
इस क्रम में डालसा के चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुजीत कुमार सिंह और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल मोहन महतो ने एसएस गर्ल्स हाई स्कूल तथा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल, रामगढ़ का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी अप्रिय स्थिति में उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, बाल श्रम, बाल शोषण, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण तथा साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार होने पर उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित कानूनी सहायता संस्थाओं को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि कानून के तहत बच्चों के संरक्षण के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर वे नि:शुल्क विधिक सहायता का लाभ भी उठा सकते हैं। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और उनके संरक्षण के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी होना जरूरी है। जागरूकता ही उन्हें शोषण और उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों से परिचित कराना, उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति समाज को जागरूक करना और बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है। इसके माध्यम से विद्यालय स्तर पर बच्चों को कानून की बुनियादी जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित और जागरूक नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलंटियर्स उमेश कुमार गुप्ता, किशोर मुंडा, निरंजन कुमार, टिकेश्वर प्रसाद, मीणा देवी और आशा गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

