भारत को सशक्त राष्ट्र बनाने को लेकर आरएसएस की जनगोष्ठी आयोजित
दुमका, 03 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यालय में रविवावर को जनगोष्ठी आयोजित हुई। जनगोष्ठी संगठित सशक्त और संस्कारित समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार विषय पर आयोजित हुई। गोष्ठी में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ के १०० वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
बैठक में विषय प्रवेश कराते हुए विभाग संपर्क प्रमुख डॉ संजीव कुमार ने कहा कि सशक्त राष्ट्र के निर्माण का रास्ता सशक्त व्यक्ति निर्माण के मार्ग से प्रशस्त हो रहा है। राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रसार से देश के आंतरिक और बाहरी शक्तियों को रोकने की जरूरत है। आज का भारत बुद्ध और युद्ध अर्थात शांति और शक्ति दोनों स्तर पर जवाब देने में सक्षम है। संघ पंच परिवर्तन के माध्यम से सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए कृतसंकल्पित है।
वहीं प्रमुख वक्ता विभाग प्रचारक बिगेंद्र कुमार ने कहा कि संघ संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार का उद्देश्य आत्मविस्मृत हिंदू समाज को संगठित कर हिंदू चेतना का विकास करना, संगठित करना व सर्वांगीण उन्नति करना था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से भारत को स्वतंत्र कराना ही उद्देश्य नहीं था बल्कि पुनः भारत गुलाम न हो इसके लिए चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण पर बल दिया।
संघ १०० वर्ष की यात्रा में उपहास, विरोध, आलोचना और अपमान से झुझते हुए आज समाज, राष्ट्र व विश्व में अपेक्षा, आशा, सहमति, विश्वास व स्वीकृति को प्राप्त किया है। संघ चालक गणेश ने कहा कि संघ प्रलोभन के माध्यम से किए जा रहे धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद, बांग्लादेशी घुसपैठ, सांस्कृतिक आक्रमण जैसे राष्ट्र विरोधी क्रियाकलापों का विरोध करता है। बैठक में मंच संचालन नरेंद्र मरांडी ने किया। इस अवसर पर नगर संघ चालक मनोज सिंघानिया सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

