मोहिनी एकादशी पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में अनुष्ठान, भक्तिभाव से गूंजा परिसर

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मोहिनी एकादशी पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में अनुष्ठान, भक्तिभाव से गूंजा परिसर


रांची, 27 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी रांची के रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में सोमवार को वैशाख शुक्ल पक्ष की पावन मोहिनी एकादशी व्रत के अवसर पर भगवान श्रीमन्नारायण का भव्य और वृहद धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। भक्तजनों की मनोकामनाओं और अभिलाषाओं को पूर्ण करने वाले भगवान वेंकटेश्वर की विशेष पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

प्रातःकाल मंदिर के पट खुलते ही जय-जयकार और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। भगवान के दिव्य विग्रह का विश्वरूप दर्शन कराया गया। इसके बाद सुप्रभातम्, मंगलाशासनम्, करावलंबम् और वेंकटेश स्तोत्रम् का पाठ हुआ। पांचरात्र आगम विधान के अंतर्गत तिरूवाराधनम् विधिपूर्वक संपन्न किया गया, जिसमें भगवान की विशेष आराधना की गई।

अनुष्ठान के अगले चरण में दिव्य निज निकुंज में विराजमान भक्तार्तिनाशन भगवान की दीपों के प्रकाश पुंज, नक्षत्र, कुंभ और कर्पूर की बाती से भव्य महाआरती की गई। घंटा-घड़ियाल की मंगल ध्वनियों और मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

महाआरती के बाद अग्नि मुद्रा, सुरभि मुद्रा और ग्रास मुद्रा का प्रदर्शन कर भगवान को बालभोग अर्पित किया गया। बालभोग में सांवा दाना की खीर, आलू-साबूदाना की खिचड़ी और आलू-कुट्टू आटे की पकौड़ी जैसे फलाहारी व्यंजनों का विशेष भोग लगाया गया।

इसके बाद दोपहर और रात्रि के राजभोग में एकादश प्रकार के विशेष व्यंजन भगवान को अर्पित किए गए। रात्रि में ‘जो अच्युतानंद जो-जो मुकुंदा…’ लोरी गीत का भावपूर्ण गायन किया गया। फल और दूध का निवेदन कर विधिवत भगवान का शयन कराया गया।

मंदिर परिसर में भगवान वेंकटेश और जगदंबा महालक्ष्मी की अष्टोत्तर शतनाम अर्चना तथा श्रीविष्णु सहस्त्रनाम के मंत्रों की गूंज से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्तों का मानना है कि मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।

दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और सभी ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे अनुष्ठान को सत्यनारायण गौतम और गोपेश आचार्य ने विधिपूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम की सफलता में राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, राजेश सुलतानिया, रंजन सिंह, ओमप्रकाश गाड़ोदिया, शंभुनाथ पोद्दार और प्रभाष मित्तल सहित कई श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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