शिक्षा के क्षेत्र में विवादों में रहा राधा गोविंद विवि अब शाख बचाने में जुटा

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शिक्षा के क्षेत्र में विवादों में रहा राधा गोविंद विवि अब शाख बचाने में जुटा


रामगढ़, 01 अप्रैल (हि.स.)। रामगढ़ जिले का राधा गोविंद विश्वविद्यालय शिक्षा जगत में हमेशा विवादों में रहा है। कभी पढ़ाई को लेकर, फीस वसूलने को लेकर, सर्टिफिकेट नहीं देने को लेकर और बी. एड कराने के नाम पर बड़े पैमाने पर छात्रों से पैसे वसूलने की बात आती रही है। कई बार तो राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को धमकी भी मिलती रही है। जेईई मेंस की परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार की योजना जब उजागर हुई, तो अब विश्वविद्यालय अपनी शाख बचाने में जुट गया है। बुधवार को राधा गोविंद विश्वविद्यालय परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अपनी पूरी सफाई पेश की। रामगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज करने वाले कुल सचिव डॉ निर्मल कुमार मंडल ने बताया कि टीसीएस के कर्मचारियों ने ही गलत तरीके से यूनिवर्सिटी के लैब में कंप्यूटर में छेड़छाड़ की। जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को नहीं थी। लेकिन वे इस बात का जवाब नहीं दे पाए की बिना टीसीएस की अनुमति के और विद्यालय प्रबंधन को सूचित किए ही कोई कर्मचारी सीधे उनके विश्वविद्यालय के अंदर छुट्टी के दिन कैसे प्रवेश कर गया।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपनी शाख बचाने के लिए जेईई मेंस की परीक्षा में कदाचार को बढ़ावा देनी से इनकार किया। हालांकि इस बात को भी स्वीकार किया कि उनके विश्वविद्यालय का ही एक कर्मचारी दिनेश कुमार महतो अवैध तरीके से परीक्षा पास कराने वाले गैंग में शामिल रहा है। जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। लेकिन इस बात का स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया कि टीसीएस का कर्मचारी राजेश ठाकुर और रवि शंकर कैसे विश्वविद्यालय का बाउंड्री फांदकर भागने में सफल रहे।

देश के टॉप मोस्ट परीक्षा में शामिल जेईई मेंस में कदाचार की योजना ने सिस्टम की कलई खोल कर रख दी है। यहां तक कि एनटीए और टीसीएस की शाख पर भी दाग लगा दिया है। रामगढ़ पुलिस प्रशासन ने भी जांच में कोई कोताही न हो इसलिए डीएसपी को अनुसंधानकर्ता बनाया है। अनुसंधानकर्ता डीएसपी फौजान अहमद ने बताया कि जांच में जितने लोगों का नाम सामने आएगा, उन पर कार्रवाई जरूर होगी। वह इस बात का भी पता लगाएंगे कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है? विश्वविद्यालय प्रबंधन में भी जुड़े हुए बड़े मास्टरमाइंड का पता लगाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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