विद्यार्थियों को एसआईआर और जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं : मुख्यमंत्री

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विद्यार्थियों को एसआईआर और जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं : मुख्यमंत्री


विद्यार्थियों को एसआईआर और जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं : मुख्यमंत्री


रांची, 01 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्देश दिया है कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार एवं समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र एवं विशेष अभियान संचालित किए जाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे।

बैठक में विभाग की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं पहलों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों और भावी कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख संचालन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध एवं लक्ष्य-आधारित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान विभाग की ओर से संचालित विभिन्न प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में ई-कल्याण पोर्टल के संचालन एवं उसकी प्रभावशीलता, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को दी जा रही सहायता, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए दी जा रही सुविधाओं, साइकिल वितरण योजना की प्रगति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों की चर्चा की गई । इस दौरान योजनाओं की वर्तमान प्रगति, लाभुकों की संख्या, क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान के उपायों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभान्वित लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने लाभुकों से योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण, संचालित व्यवसाय, उससे हो रही आय, रोजगार सृजन की स्थिति और बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अनुभवों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है और बैंकिंग संस्थानों की ओर से उन्हें समुचित सहयोग मिल रहा है या नहीं।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान गढ़वा, देवघर और साहिबगंज जिलों में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इन विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, छात्र-छात्राओं की नामांकन स्थिति और संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिया कि इन संस्थानों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्तमान आवश्यकताओं और बदलते परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए एक समन्वित एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इस दिशा में कल्याण विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ, ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसी स्थिति में ई-साइकिल जैसी सुविधा उपलब्ध कराना न केवल उनकी शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाएगा, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पात्र विद्यार्थियों को समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।

कल्याण विभाग की ओर से संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, परामर्श, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सकेगा।

बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव कृपानंद झा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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