रांची विवि में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू, देशभर के 10 विशेषज्ञ शिक्षक देंगे प्रशिक्षण
रांची, 19 अगस्त (हि.स.)। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (सीआइईटी), नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी), नई दिल्ली एवं रांची विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ बुधवार को रांची विश्वविद्यालय के शहीद स्मृति सभागार में हुआ।
प्रक्षिण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल युग की नवीनतम तकनीकों, आईसीटी उपकरणों और प्रभावी ई-लर्निंग पद्धतियों से परिचित कराना था।
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआइईटी), एनसीईआरटी के प्रोफेसर प्रो शिरिश पाल सिंह एवं आइसीटी प्रमुख ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की विषयवस्तु और व्यापक उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने डिजिटल तकनीकों के बदलते स्वरूप और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इनके प्रभावी एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि तकनीक का उपयोग केवल डिजिटल माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि अधिक प्रभावी, सहभागी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए किया जाना चाहिए।
नई तकनीकों का उद्देश्य सहभागिता और रचनात्मकता को बढ़ाने में हो : कुलपति
इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ) सरोज शर्मा ने कहा कि एनसीईआरटी, नई दिल्ली जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान के साथ रांची विश्वविद्यालय का यह संयुक्त शैक्षणिक प्रयास झारखंड के शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की नवीनतम शैक्षणिक एवं तकनीकी पहल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उद्देश्य केवल उन्हें शिक्षण के उपकरण के रूप में अपनाना नहीं, बल्कि उनका उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, सहभागिता और रचनात्मकता को बढ़ाने के माध्यम के रूप में करना होना चाहिए।
यह कार्यक्रम 19 से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 10 रिसोर्स पर्सन्स शिक्षकों, टीचर एजुकेटर्स, विशेषज्ञों एवं पुपिल टीचर्स को डिजिटल शिक्षण, आइसीटी तथा उभरती तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को ‘दीक्षा’ एप एवं पंजीकरण प्रक्रिया, पॉलिशी पर्सपेक्टिव एंड डिजिटल इनीशिएटिव्सक, साइबर सेफ्टी एंड सेक्युजरिटी तथा इंस्ट्रक्शजनल्सी डिजाइन फोर ई-लर्निंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया गया। प्रो शिरिश पाल सिंह ने पॉलिशी पर्सपेक्टिव एंड डिजिटल इनीशिएटिव्सो, डॉ डी राजेश ने साइबर सेफ्टी एंड सेक्युनरिटी तथा प्रो भारती कौशिक ने इंस्ट्रक्शननल्सी डिजाइन फोर ई-लर्निंग विषय पर प्रशिक्षण दिया।
20 अगस्त को भी विभिन्न सत्रों में चार रिसोर्स पर्सन्स डिजिटल शिक्षा और आधुनिक अध्यापन से जुड़े विविध विषयों पर जानकारी एवं प्रशिक्षण देंगे।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों, आइसीटी, ई-कंटेंट निर्माण, ऑनलाइन शिक्षण एवं उभरती तकनीकों के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है, ताकि कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक इंटरैक्टिव, प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा सके।
विश्वविद्यालय के डीएसडब्लूव प्रो सुदेश साहू ने स्वागत संबोधन दिया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ राजकुमार शर्मा और डॉ स्मृति सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

