निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ उपायुक्त ने की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक, दिए निर्देश
रांची, 09 मई (हि.स.)। रांची के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्राचार्यों-प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी।
मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित जिले के निजी विद्यालयों (सीबीएसई, आईसरएसई, जैक एवं अन्य बोर्ड) के प्राचार्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिलास्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में जिला मंजूनाथ भजंत्री ने निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावक शिक्षक संघ के गठन की समीक्षा की गयी। जिले में सीबीएसई एवं आईसीएसई की ओर से संचालित कुल 149 स्कूलों में से 129 द्वारा अभिभावक शिक्षक संघ का गठन कर लिया गया है। शेष 20 स्कूल जिन्होंने (पीटीए ) के गठन की जानकारी नहीं दी है उनके ऊपर अधिनियम के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।
स्कूलों के पिछले तीन वर्षों में शुल्क वृद्धि के विश्लेषण के दौरान 129 स्कूलों में से 92 स्कूलों की ओर से शुल्क वृद्धि में नियमों का उल्लंघन पाया गया है। सभी संबंधित स्कूलों के प्राचार्य-प्रतिनिधि को इसी सत्र के मासिक शुल्क में एडजस्टमेंट करने का निर्देश दिया गया। संबंधित स्कूलों को 15 दिनों में फी-एडजस्टमेंट प्लान तैयार करने को कहा गया है।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले स्कूलों को उपायुक्त की ओर से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया, उन्होंने कहा कि अनुपस्थित स्कूलों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी करें ताकि यह पता चल सके कि उनका संचालन हो रहा है या नहीं ।
बैठक में उपायुक्त की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये गये।
उपायुक्त ने आरटीई के तहत सभी निजी विद्यालयों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले सत्र में आप सभी का सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने इस सत्र में सभी स्कूलों से बेहतर सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल एक्ट के अनुसार उपलब्ध सीटों पर वंचित वर्ग के बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन लेना सुनिश्चित करें, नामांकन के लिए ऑनलाइन लॉटरी जल्द ही की जायेगी।
बैठक में उपायुक्त की ओर से उपस्थित सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्य व प्रतिनिधियों को सीईएनएसयूएस 2027 के अंतर्गत पोर्टल के माध्यम से स्वगणना करने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है, इसके लिए बच्चों को भी जानकारी दें ताकि वो अपने माता-पिता-अभिभावक को डिजिटल माध्यम से स्वगणना करने को कहें।
जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज की ओर से बताया गया कि स्व-गणना अंतर्गत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं आवास संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

