रांची की पलक का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन, जिले की पहली महिला क्रिकेटर बन रचा इतिहास

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रांची की पलक का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन, जिले की पहली महिला क्रिकेटर बन रचा इतिहास


रांची, 12 जून (हि.स.)। रांची जिला क्रिकेट संघ (आरडीसीए) के लिए शुक्रवार का दिन तब ऐतिहासिक साबित हुआ, जब अंडर-19 महिला क्रिकेटर कुमारी पलक का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में किया गया। श्रीलंका महिला टीम के आगामी भारत दौरे के दौरान आयोजित होने वाली एकदिवसीय और टी-20 श्रृंखला के लिए उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उनके चयन से रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में खुशी और गर्व का माहौल है।

पलक रांची जिला क्रिकेट संघ की ओर से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। यह उपलब्धि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन का परिणाम मानी जा रही है। जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का अवसर मिला।

पलक की इस उपलब्धि पर रांची जिला क्रिकेट संघ और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। खेल जगत से जुड़े लोगों ने इसे झारखंड महिला क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है, जो राज्य की अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।

पलक की क्रिकेट यात्रा संघर्ष, समर्पण और निरंतर मेहनत की कहानी है। उन्होंने ओरमांझी क्रिकेट क्लब से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनके कोच पंक्षित कुमार महतो ने शुरुआती दौर से ही उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी पलक उन्हीं के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं। उनके कोच के अनुसार, पलक हमेशा से मेहनती, अनुशासित और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रही हैं।

रांची जिला क्रिकेट संघ के सचिव शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि पलक का चयन केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पलक ने वर्षों तक लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और उनकी मेहनत तथा लगन का ही परिणाम है कि उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला है।

मूल रूप से देवघर की रहने वाली पलक पिछले लगभग 14 वर्षों से अपने परिवार के साथ रांची में रह रही हैं। उन्होंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाते हुए लगातार अपने खेल में सुधार किया और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना साकार किया। वर्तमान में पलक ओरमांझी स्थित राम टहल इंटर कॉलेज की छात्रा हैं।

पलक की सफलता संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी है। उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मां संगीता भगत, जो रांची महिला थाना में कार्यरत हैं, ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। पलक कई बार अपनी मां को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बता चुकी हैं और अपनी सफलता का श्रेय उन्हें देती हैं।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पलक की सफलता झारखंड में महिला क्रिकेट को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के बल पर छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका महिला टीम के भारत दौरे की शुरुआत 22 जून को चेन्नई में खेले जाने वाले टी-20 मुकाबले से होगी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस श्रृंखला पर टिकी हैं, जहां पलक भारतीय टीम की जर्सी में मैदान पर उतरकर देश, झारखंड और रांची का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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