झारखंड विधानसभा में धनबाद जलापूर्ति परियोजना पर सवाल, असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा

WhatsApp Channel Join Now
झारखंड विधानसभा में धनबाद जलापूर्ति परियोजना पर सवाल, असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा


झारखंड विधानसभा में धनबाद जलापूर्ति परियोजना पर सवाल, असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा


रांची, 17 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 17वें दिन मंगलवार को धनबाद जिले की बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति परियोजना का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा। विधायक अरुप चटर्जी ने परियोजना में देरी को लेकर श्री राम ईपीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता विभाग के तहत लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का ठेका कंपनी को दिया गया था, लेकिन अब तक एक भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी बाद में किसी अन्य कंपनी के साथ विलय (मर्ज) हो गई, जिससे परियोजना की स्थिति और जटिल हो गई है।

मामले पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना को जल्द पूरा कराया जाएगा और पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जानकारी सदन में प्रस्तुत की जाएगी।

इसी बीच सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी जोरदार हंगामा हुआ। विधायक नीरा यादव ने विधायक समीर मोहंती के बयान पर आपत्ति जताई और मामला सदन में उठाया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने (स्पंज करने) की घोषणा की, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। नीरा यादव ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए संबंधित विधायक को माफी मांगनी चाहिए।

मामले को शांत कराने के लिए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी पक्ष के विधायक को असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूरे सदन की ओर से इस घटना को लेकर क्षमा भी मांगी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अंततः सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

Share this story