राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश : प्रतुल शाह देव
रांची, 12 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राहुल गांधी के उच्चतम न्यायालय तक मार्च करने के ऐलान पर कांग्रेस की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया के जरिए जनता का विश्वास जीतने के बजाय सड़कों पर दबाव और अराजकता की राजनीति के माध्यम से सत्ता हासिल करना चाहती है।
प्रतुल शाह देव ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का दावा करने वाली कांग्रेस अब नक्सली विचारधारा से प्रभावित नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह नक्सली अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करना चाहते हैं, उसी तरह का व्यवहार कांग्रेस की राजनीति में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का उच्चतम न्यायालय तक मार्च केवल राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी फैसले को प्रभावित करने के उद्देश्य से न्यायपालिका तक मार्च निकालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं, बल्कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है।
प्रतुल ने कहा कि संबंधित मामले की सुनवाई पहले से ही उच्चतम न्यायालय में चल रही है। ऐसे में राहुल गांधी के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को न्यायपालिका पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की राजनीति में विरोध के नाम पर टकराव और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उनके अनुसार, चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं आने पर कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है और अब न्यायपालिका को भी राजनीतिक विरोध के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी से स्पष्ट करने को कहा कि उनका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना है या राजनीतिक लामबंदी के जरिए न्यायपालिका पर दबाव बनाना।
प्रतुल शाह देव ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनता के वोट से होकर गुजरता है, न कि सड़कों पर अराजकता फैलाकर या संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लेकर। उन्होंने कहा कि राजनीतिक शोर-शराबे से जनादेश को बदला नहीं जा सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

