द प्राइड ऑफ ट्राइब के मंच पर झलकी आदिवासी की प्रस्तुति
रांची, 21 जुलाई (हि.स.)। झारखंड की आदिवासी कला, सोहराई पेंटिंग और हथकरघा परंपरा की झलकियां असम के गुवाहाटी में आयोजित नॉर्थ इस्ट इंटरनेशनल फैशन वीक (एनईआईएफडब्यू) 2026 के द प्राइड ऑफ ट्राइब (टीपीओटी) कार्यक्रम में देखने को मिली। इसके साथ ही झारखंड की आदिवासी कला और परंपरा की इस प्रभावशाली प्रस्तुति की चर्चा राष्ट्रीय स्तरीय होने लगी। यह बातें टीपीओटी की टीम लीड कांति गाड़ी ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही।
उन्होंने बताया कि अब झारखंड में नेशनल ट्राइबल फैशन शो सीजन-1 आयोजित किया जाएगा जिसमें कारीगरों, बुनकरों, डिजाइनरों, मॉडलों, मेकअप आर्टिस्टों और कलाकारों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। कार्यक्रम में झारखंड की आदिवासी जूनियर मॉडल अंजलि लकड़ा और लक्ष्मी तिग्गा ने फ्रेशर ग्रुप में पहली बार राष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। शो डायरेक्टर और फैशन वीक के संस्थापक प्रशांत घोष ने भी झारखंड की प्रस्तुति की सराहना करते हुए आगामी नेशनल ट्राइबल फैशन शो के आयोजन में सहयोग का भरोसा दिया।
कांति गाड़ी ने कहा कि यह न सिर्फ फैशन शो, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और आजीविका को मजबूत करने का अभियान है। अनिल अमिताभ पन्ना ने कहा कि यह पहल आदिवासी संस्कृति, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की नई सोच है। इससे झारखंड के विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिल रही है। यह स्थानीय प्रतिभाओं-कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। पारंपरिक आदिवासी कला और स्वदेशी कपडाें को आधुनिक डिजाइन के साथ की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

