ऊर्जा निगम में कर्मियों की सुरक्षा भगवान भरोसे : अजय राय

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ऊर्जा निगम में कर्मियों की सुरक्षा भगवान भरोसे : अजय राय


रांची, 11 जुलाई (हि.स.)। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड ऊर्जा विकास निगम के विभिन्न सप्लाई एरिया बोर्ड में कार्यरत मानव दिवस एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रमिकों की जान भगवान भरोसे है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद विभाग और संबंधित एजेंसियां सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर नहीं हैं।

शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अजय राय ने कहा कि हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न सप्लाई एरिया बोर्डों में आधा दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में कई कर्मियों की मौत हुई है, जबकि अनेक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद मृतक और घायल कर्मियों के परिजनों को समय पर मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध नहीं कराया गया, जो विभाग और संबंधित एजेंसियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

अजय राय ने कहा कि यदि सभी कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाती, नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता और कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाता, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था। बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्था के श्रमिकों से कार्य कराना उनके जीवन को जोखिम में डालने के समान है।

अजय राय ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में कार्य करने वाले मानव दिवस और आउटसोर्सिंग कर्मी कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्य सरकार और झारखंड ऊर्जा विकास निगम प्रबंधन से सभी दुर्घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मृतक एवं घायल कर्मियों के आश्रितों को तत्काल उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा सभी सप्लाई एरिया बोर्डों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों की सुरक्षा और उनके हितों से जुड़ी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और निगम प्रबंधन की होगी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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