एक समुदाय के झगडे को वायरल करने के मामले में पुलिस सख्त

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एक समुदाय के झगडे को वायरल करने के मामले में पुलिस सख्त


रामगढ़, 21 फ़रवरी (हि.स.)। शहर के नई सराय चौक पर एक समुदाय के दो लोगों के बीच हुए विवाद को लेकर तीन लोगों ने रामगढ़ थाने में आवेदन दिया है। इसमें दो लोगों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, तिसरे व्यक्ति के आवेदन अभी जांच के दायरे में है। वहीं इन विवादों पर विराम लगाने के लिए पुलिस ने भी एक अलग से प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि एक ही समुदाय के दो लोग झगड़े में शामिल थे। उनके बीच पहले से ही विवाद भी था। जिसे दूसरे समुदाय के नेता ने दो समुदायों के बीच का झगड़ा होने का अफवाह फैलाया। मामले में हिंदू टाइगर फोर्स के नेता दीपक सिसोदिया पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर पुलिस ने सख्‍त रूख अपनाते हुए मामले की जांच कर रही है।

मामले में मांस विक्रेता दानिश कुरैशी के बयान पर पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें गोलपार जमा मस्जिद के रहने वाले दानिश कुरैशी ने काजू कुरैशी और राजू कुरैशी पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। उसने पुलिस को बताया कि 20 फरवरी को जब वह अपने दुकान पर था तो काजू कुरैशी और राजू कुरैशी ने उसे बुलाया। इसके बाद मटन काटने का वीडियो वायरल करने को लेकर झगड़ा किया। इस दौरान जब दानिश कुरेशी का 10 वर्षीय भाई अरशद कुरैशी वहां पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की। बाद में स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर उन्हें छुड़ाया।

इस मारपीट के प्रकरण में रेहान उर्फ काजू कुरैशी ने भी काउंटर केस दर्ज कराया है। गोलपार कर्बला चौक का रहने वाला काजू कुरैशी ने पुलिस को बताया कि नईसराय में वह अपने भाई राजू कुरैशी के साथ मटन का दुकान चलाता है। दानिश कुरैशी ने उसके साथ गाली गलौज की और उग्र होकर धारदार चाकू लेकर हमला करने लगा। स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर उससे चाकू छीना, तब जाकर उनकी जान बची।

इधर, शहर में दो समुदायों के बीच उत्पन्न हुए तनाव की अफवाह पर रामगढ़ थाने के सब इंस्पेक्टर विकास कुमार ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अचानक एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें दो समुदायों के बीच धार्मिक भावना भड़कने के संभावना थी। जांच पड़ताल में पाया गया कि दीपक सिसोदिया ने अपने फेसबुक अकाउंट से वीडियो वायरल किया है। इसमें एक समुदाय के लोगों पर दूसरे समुदाय के युवक को मारपीट करने, जबरन दुकान बंद करने की बात कही गई थी। मामले की जब जांच की गई पता चला कि वह विवाद राजू कुरैशी और दानिश कुरैशी नामक व्यक्ति के बीच का था। इसमें दूसरे समुदाय का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था। यहां तक कि वीडियो में भी किसी भी बात से स्पष्ट नहीं था कि वह झगड़ा दो समुदायों के बीच चल रहा है। उन्‍होंने कहा कि दीपक सिसोदिया के पोस्ट समाजिक सौहार्द बिगाडने की स्थिति पैदा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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