पुस्तक मेला में कवि सम्मेलन में कवियों ने बिखेरा भोजपुरी का रंग
रांची, 03 जनवरी (हि.स.)। राजधानी रांची के जिला स्कूल मैदान में समय इंडिया, नई दिल्ली के तत्वावधान में जारी 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला में शनिवार को झारखंड भोजपुरी विकास केंद्र की ओर से भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि सम्मेलन का संयोजन राष्ट्रीय पुस्तक मेला के आयोजक और समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ जेबी पांडेय और अध्यक्षता की डॉ उर्मिला सिन्हा थे। कवि सम्मेलन में संस्था के संरक्षक रामजी यादव और सचिव विनोद सिंह गहरवार उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन में जिन कवियों ने अपनी भोजपुरी कविताओं से श्रोताओं को भाव विभोर किया और कविता में मौजूद अपनी माटी की गंध और धड़कन महसूस कराया उनमें निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, पूनम वर्मा, रिम्मी वर्मा, सविता गुप्ता, विम्मी प्रसाद, पुष्पा पाण्डेय सहित अन्यप का नाम शामिल है।
राष्ट्रीय पुस्तक मेला का समापन रविवार को
राष्ट्रीय पुस्तक मेले में रविवार को पुस्तक प्रेमियों के लिए पुस्तकें चुनने और खरीदने का अन्तिम दिन होगा। मेले के समापन कार्यक्रम को कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की संबोधित करेंगी। वहीं पुस्तक मेले में कवि और ग़ज़लकार हिमकर श्याम के ग़ज़ल संग्रह दिल बंजारा का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय पुस्तक मेला के आयोजक और समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने किया। वक्ताओं ने कैंसर रोग से पीड़ित श्याम की रचनाशीलता की भरपूर सराहना की और उनसे आगे भी सृजनशील रहने का अनुरोध किया। इसी कड़ी में डॉ कुमुद की दो पुस्तकों महिला उपन्यासकार और हमारा समाज और लड़ेंगे तो जीतेंगे का लोकार्पण हुआ।
उल्लेखनीय है कि डॉ कुमुद की दोनों ही पुस्तकों का प्रकाशन समय प्रकाशन, नई दिल्ली ने किया है। लड़ेंगे तो जीतेंगे डॉ कुमुद की 1978 से 1983 के बीच हुए बोधगया भूमि आन्दोलन पर आधारित एक ऐसी पुस्तक है जिसे उन्होंने आन्दोलन के उन तमाम साथियों को समर्पित किया है जिन्होंने जमींदारों और शासकों के अन्याय के विरुद्ध लड़ने एवं पीड़ितों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का रास्ता दिखाया।
लोकार्पण की इसी कड़ी में गीतांजलिश्री की एक और पुस्तक मां प्रकृति कविता संग्रह का लोकार्पण भी हुआ। एक तरह से पुस्तक मेला पुस्तकों को पाठकों से रू-ब-रू कराने का सशक्त मंच बना।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

