श्रमिकों के बिना सुव्यवस्थित जीवन की कल्पना बेमानी: परमजीत कौर
रांची, 01 मई ( हि.स.)। श्रम का सम्मान पूरी मानवता का सम्मान है। श्रमिकों के बिना सुव्यवस्थित जीवन की कल्पना बेमानी है। ये उद्गार कांके रोड स्थित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने शुक्रवार को श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा के संयुक्त अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है। यही कारण है कि सदियों बाद भी भगवान बुद्ध के उपदेश प्रासंगिक हैं और दुनिया के कई देशों ने उनके विचारों को बतौर धर्म स्वीकार किया है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र और गीता के भक्ति योग के पाठ से हुई। छात्रा श्रेया सुमन ने अंतररार्ष्ट्रीय श्रमिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला ,जबकि शिवानी राज ने बुद्ध के विचारों को प्रस्तुत किया। श्रम के महत्व पर नाटकों का मंचन भी किया गया।
श्रमिक दिवस के अवसर पर विद्यालय के सहायक कर्मचारियों को कार्ड देकर सम्मानित किया गया एवं उनके सम्मान में चारों हाउस के द्वारा स्टॉल लगाकर उन्हें जलपान कराया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा श्रुति मिश्रा और अक्सा ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

