फैटी लिवर की रोकथाम और उपचार के लिए विकसित होगा ‘रांची मॉडल’ : संजय सेठ

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फैटी लिवर की रोकथाम और उपचार के लिए विकसित होगा ‘रांची मॉडल’ : संजय सेठ


- 1.20 लाख लोगों की जांच, 25 हजार उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान का लक्ष्य- 18 प्रखंड व अनुमंडल स्तरीय क्लीनिक और 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण- दो मोबाइल चिकित्सा वाहनों से गांवों तक पहुंचेगी जांच और परामर्श की सुविधा

रांची, 16 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ के संकल्प से प्रेरित होकर झारखंड में फैटी लिवर रोग की समय रहते पहचान, रोकथाम और उपचार के लिए ‘रांची मॉडल’ विकसित किया जा रहा है। इस पहल के तहत सामुदायिक स्तर से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों तक चार स्तरीय जांच, उपचार और फॉलोअप की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना के तहत 1.20 लाख लोगों की जांच और करीब 25 हजार उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने बुधवार को रांची सदर अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ युवा शक्ति को सशक्त बनाकर स्वस्थ परिवार, समाज और मजबूत झारखंड का निर्माण किया जा सकता है।

संजय सेठ ने कहा कि ‘रांची मॉडल’ में फैटी लिवर के उपचार के साथ उसकी रोकथाम और शुरुआती स्तर पर पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि अब यह धरातल पर उतरने जा रहा है।

यह अभियान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. सरीन के मार्गदर्शन में रांची सदर अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (आईएलबीएस), नई दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा। पहल के तहत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस दो विशेष मोबाइल वाहनों के माध्यम से लोगों तक जांच और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। दोनों वाहनों की कुल लागत करीब तीन करोड़ रुपये है और वे रांची पहुंच चुके हैं।

मोबाइल चिकित्सा वाहनों के जरिए जरूरतमंद लोगों की फैटी लिवर संबंधी जांच, जोखिम का आकलन और आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान का औपचारिक शुभारंभ जल्द किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. सरीन, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सहित अन्य गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।

‘रांची मॉडल’ के तहत सामुदायिक स्तर से लेकर जिला और उच्च चिकित्सा संस्थानों तक चार स्तरीय जांच एवं उपचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। आशा और एएनएम के माध्यम से प्रारंभिक जांच की जाएगी। एबीसीडी जोखिम स्कोर के आधार पर उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी।

प्राथमिक स्तर पर लोगों को जीवनशैली और पोषण संबंधी परामर्श दिया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में फाइब्रोस्कैन, उपचार और फॉलोअप की सुविधा विकसित करने की योजना है। जरूरत के अनुसार मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों तक समय पर रेफर किया जाएगा, ताकि उपचार के साथ उनकी निरंतर निगरानी भी सुनिश्चित हो सके।

अभियान में युवाओं को सक्रिय भागीदार बनाने के लिए ‘स्माइल्स’ और ‘वाई-स्माइल्स’ पहल के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके तहत करीब 40 कॉलेजों के 50 हजार विद्यार्थियों और लगभग 60 स्कूलों के 50 हजार विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

परियोजना के प्रमुख लक्ष्य

* 1,20,000 लोगों की जांच* 18 प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय क्लीनिक* 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण* 500 स्थानों पर मोबाइल चिकित्सा वैन का भ्रमण* करीब 25,000 उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान* करीब 20,000 फैटी लिवर मामलों का प्रारंभिक निदान

परियोजना की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के आधार पर लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करने के साथ जरूरत के अनुसार व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

संजय सेठ ने कहा कि ‘रांची मॉडल’ केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य बीमारी के जोखिम की समय रहते पहचान, आवश्यक चिकित्सा परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करना है। प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों तक सीमित न रहें, बल्कि जांच, परामर्श और जागरूकता की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।

उन्होंने कहा कि ‘रांची मॉडल’ के जरिए रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, उपचार और निरंतर फॉलोअप को एकीकृत करते हुए ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने का प्रयास है, जिसे आगे व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।

पत्रकार वार्ता में सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. विमलेश सिंह और डीपीएम प्रवीण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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