संजय सेठ ने की छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा, भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग

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संजय सेठ ने की छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा, भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग


रांची, 22 अगस्त (हि.स.)। रांची के सांसद एवं रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड के विभिन्न जिलों में छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित हमले और पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पिछले छह वर्षों के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी)-सीजीएल समेत राज्य में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने कहा कि रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा सहित विभिन्न स्थानों पर छात्रों के साथ मारपीट और पुलिस लाठीचार्ज की घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। घायल छात्र जब इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो वहां भी उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें अस्पताल से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के निदेशक और सिविल सर्जन पर घायल छात्रों का इलाज किए बिना उन्हें छोड़ने का दबाव बनाया गया।

रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का माहौल उन्होंने आपातकाल के दौर में देखा था और राज्य सरकार ने उन्हें उसी दौर की याद दिला दी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र किसी दूसरे राज्य के नहीं, बल्कि झारखंड के ही बच्चे हैं। उनके अनुसार, छात्र पिछले 25 दिनों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे तथा आमरण अनशन पर बैठे थे।

सेठ ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को जब देशभर से समर्थन मिलने लगा तो राज्य सरकार ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई। सरकार ने एक ओर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया, लेकिन दूसरी ओर इस फैसले के बचाव के लिए अदालत में राज्य के महाधिवक्ता को भेजने के बजाय जूनियर अधिवक्ता को भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस रणनीति को राज्य की जनता समझ चुकी है।

संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों का खून बहा और कई छात्रों के हाथ-पैर टूटे, लेकिन राहुल गांधी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने राहुल गांधी पर छात्र आंदोलन से राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह दिल्ली गए, लेकिन झारखंड नहीं आए, जहां कांग्रेस सत्ता में शामिल है।

संजय सेठ ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं तो उन्हें रांची आकर आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और हेमंत सोरेन सरकार से भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए। सेठ ने कहा कि ऐसा नहीं करने पर कांग्रेस को राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।

रक्षा राज्यमंत्री ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के वर्ष 2024 में राज्य सरकार को लिखे पत्र का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केरकेट्टा ने जेपीएससी में कथित अनियमितताओं और खामियों को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार उस पत्र को दबाकर क्यों बैठी है और इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि नीलिमा केरकेट्टा के पत्र में उठाए गए मुद्दों की वास्तविकता क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा जेपीएससी में पूर्व मंत्री, मुख्यमंत्री और झामुमो के महासचिव की रिश्तेदार सदस्य रह चुकी हैं। ऐसे में कहीं सरकार संबंधित लोगों को बचाने का प्रयास तो नहीं कर रही है।

संजय सेठ ने सवाल किया कि भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने में सरकार को क्या आपत्ति है और वह इससे क्यों डर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राज्य सीआईडी की जांच पर भरोसा नहीं है।

संजय सेठ ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी सीआईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बिनसिस के निदेशक अरुण कुमार पर वर्ष 2022 में नौकरी बेचने के आरोप लगे थे और सीआईडी जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद चार वर्षों तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में छात्र सीआईडी जांच पर कैसे भरोसा करेंगे। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच केवल सीबीआई ही कर सकती है।

रक्षा राज्यमंत्री ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि झारखंड में कथित तौर पर नौकरी बेचकर सत्ता में शामिल लोगों ने एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इन आरोपों की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच आवश्यक है।

संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा उपस्थित थे।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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