एंबुलेंस नहीं मिली तो मरीज को खाट समेत ट्रैक्टर पर ले गए अस्पताल, इलाज के दौरान मौत

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एंबुलेंस नहीं मिली तो मरीज को खाट समेत ट्रैक्टर पर ले गए अस्पताल, इलाज के दौरान मौत


जामताड़ा, 13 जून (हि.स.)। झारखंड के जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के गोपालपुर गांव में एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण परिजनों को उसे खटिया समेत ट्रैक्टर पर लादकर सदर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अस्पताल में इलाज शुरू होने के कुछ ही समय बाद मरीज की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

मृतक की पहचान गोपालपुर गांव निवासी मोनू टुडू के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, शुक्रवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोगों ने तत्काल सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई और न ही समय पर कोई एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई।

परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और समय निकलता जा रहा था। ऐसे में कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा तो परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर मोनू टुडू को खटिया पर लिटाया और उसी खटिया सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखकर जामताड़ा सदर अस्पताल के लिए रवाना हुए। ग्रामीण क्षेत्र से अस्पताल तक पहुंचने में काफी समय लग गया।

सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने मरीज का उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक उसकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती और मरीज को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता, तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और आपातकालीन चिकित्सा सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बन गई। ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एंबुलेंस सेवा जीवनरक्षक व्यवस्था मानी जाती है, लेकिन यदि आपात स्थिति में ही सेवा उपलब्ध न हो तो इसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्हें एंबुलेंस नहीं पहुंचने और मरीज की मौत की जानकारी मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर कई प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं। मंत्री ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित चालक और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एंबुलेंस सेवा में लापरवाही किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान 108 एंबुलेंस व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उनका कहना था कि सेवा में कमी या लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है, जबकि सरकार की छवि भी प्रभावित होती है।

उल्लेखनीय है कि जामताड़ा जिला स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह क्षेत्र है। ऐसे में यह घटना प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की मांग की है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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