स्वस्थ समाज ही सशक्त समाज का निर्माण कर सकता है : राज्यपाल
रांची, 31 अगस्त (हि.स.)। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने चिकित्सा सेवा केवल रोग के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरिमा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को सुलभ और किफायती चिकित्सा उपलब्ध कराने वाले संस्थानों की सामाजिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल सोमवार को रांची स्थित नागरमल मोदी सेवा सदन के 69वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1958 में एक छोटे से मातृत्व गृह के रूप में प्रारंभ हुई यह संस्था आज बहुविशेषता वाले अस्पताल के रूप में विकसित हुई है। इसकी लगभग सात दशक की यात्रा सेवा, समर्पण, सामाजिक सहयोग और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। भारतीय परंपरा में स्वास्थ्य को जीवन के मूल आधार के रूप में देखा गया है। पहला सुख निरोगी काया की भावना यह स्मरण कराती है कि स्वस्थ समाज ही सशक्त समाज का निर्माण कर सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि किसी अस्पताल की पहचान केवल उसकी इमारत, आधुनिक उपकरणों अथवा तकनीकी सुविधाओं से नहीं होती। रोगी अस्पताल में केवल बीमारी लेकर नहीं आता, बल्कि अपने साथ चिंता, पीड़ा और उपचार की उम्मीद भी लेकर आता है। इसलिए बेहतर चिकित्सा के साथ मरीज के सम्मान, विश्वास और भावनाओं का ध्यान रखना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नागरमल मोदी सेवा सदन का संदेश “कम खर्च, समुचित इलाज, सही व्यवहार” चिकित्सा सेवा में किफायत, गुणवत्ता और मानवीय संवेदना के महत्व को प्रभावी ढंग से सामने रखता है। चिकित्सा का बढ़ता खर्च अनेक परिवारों के लिए चुनौती है। ऐसे में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले संस्थानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमारी भारतीय संस्कृति में सेवा को सदैव विशेष महत्व दिया गया है और नागरमल मोदी सेवा सदन की दीर्घकालीन यात्रा इसी सेवा-भावना की प्रेरक मिसाल है।
राज्यपाल ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘आयुष्मान भारत’ जैसी पहलों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। ऐसे समय में नागरमल मोदी सेवा सदन जैसे अनुभवी एवं जनसेवा के प्रति समर्पित संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि रांची एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों का नागरमल मोदी सेवा सदन पर वर्षों से बना विश्वास इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए चिकित्सा की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता एवं मानवीय व्यवहार को निरंतर प्राथमिकता देनी होगी। बदलती चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ सेवाओं, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने सेवा सदन के चिकित्सकों, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ सहित अन्य कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि पूरी टीम के समन्वय, परिश्रम और समर्पण से सुनिश्चित होती है। मरीज के कठिन समय में उसके साथ खड़ा रहना, उसे बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और उसके मन में विश्वास जगाना चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण पक्ष है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागरमल मोदी सेवा सदन भविष्य में भी अपनी गौरवपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज के जरूरतमंद वर्गों को गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती चिकित्सा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
उन्होंने कामना की कि यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों तक सेवा, संवेदना और विश्वास का केंद्र बना रहे तथा यहां आने वाला प्रत्येक रोगी बेहतर उपचार के साथ सम्मान और आशा का अनुभव लेकर लौटे।
इससे पूर्व राज्यपाल ने अस्पताल के सामुदायिक डायलिसिस विभाग का भ्रमण किया तथा वहां इलाजरत मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

