चुट्टूपालू घाटी के ब्लैक स्पॉट का अधिकारी करेंगे निरीक्षण, दुर्घटना रोकने पर जोर

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चुट्टूपालू घाटी के ब्लैक स्पॉट का अधिकारी करेंगे निरीक्षण, दुर्घटना रोकने पर जोर


रामगढ़, 02 जुलाई (हि.स.)। रामगढ़ रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर चुट्टूपालू घाटी मौत की घाटी बन गई है। यहां आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में जान माल की भारी क्षति हो रही है। जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी संयुक्त रूप से इस घाटी में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास करेंगे।

गुरुवार को डीटीओ राजेश एक्का ने बताया कि डीसी ऋतुराज के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है जिसमें डीटीओ के अलावा, एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे, यातायात थाना प्रभारी गजेंद्र पांडे और एनएचएआई के इंजीनियर को शामिल किया गया है। जांच कमेटी में शामिल लोग घाटी में संभावित दुर्घटनाओं को रोकने पर जोर देंगे।

डीटीओ राजेश एक्का ने बताया कि चुट्टूपालू घाटी में कई ऐसे मोड और स्थान है जो ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए हैं। उन स्थानों पर ही अक्सर दुर्घटनाएं होती रही है। कई ऐसी जगह भी है जहां भारी वाहनों का ब्रेक अचानक फेल हो जाता है। उन ब्लैक स्पॉट और एक्सीडेंटल जोन में प्रभावी तरीके से कार्य किए जाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि वहां होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने में सफलता मिल सके। सड़क का एलाइनमेंट किस तरह बनाया जाए जिससे वहां गाड़ियां अनियंत्रित ना हो। इन सभी बिंदुओं पर एनएचएआई के इंजीनियर अपनी राय देंगे।

चुट्टूपालू घाटी में सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट पर रिजिड बैरियर बनाए गए थे। रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि यह रिजिड बैरियर प्रभावशाली साबित नहीं हुआ। जिस स्थान पर रिजिड बैरियर बनाया गया है, वहां दुर्घटनाओं की संख्या और अधिक बढ़ गई है। उस स्थान पर जान माल की क्षति कम करने के लिए निर्माण कार्य किया गया था। लेकिन वहां अब किसी की भी जान बचाने की संभावना नहीं रह गई है। एनएचएआई के इंजीनियर को उस स्थान को कैसे दुर्घटना जोन से निकाला जाए इस पर विचार करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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