अधिकारियों को दिल-दिमाग दोनों से काम करने की जरूरत : दीपिका पांडेय
रांची, 25 मई (हि.स.)। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में आने वाले जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को समझना जरूरी है। अधिकारी न सिर्फ अपने दिमाग से बल्कि दिल से भी काम करने की जरूरत है। यह सुनिश्चित करें कि मदद की उम्मीद लेकर आने वाला व्यक्ति खाली हाथ वापस न लौटे।
मंत्री सोमवार को रांची के सर्ड सभागार में आयोजित आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल के राज्यस्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मंत्री ने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ही सरकार का चेहरा है। ऐसे में अधिकारियों को लोगों के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक अधिकारियों के प्रयास से ही पहुंच रहा है। उन्होंने मिशन कर्मयोगी को कार्य क्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम पहल बताया। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ खुद को अपडेट करने और नवाचार तथा तकनीक का उपयोग बढ़ाने की अपील की।
दीपिका पांडेय ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन और प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला में सर्ड के निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि मिशन कर्मयोगी अधिकारियों के लिए काम को आसान और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में अधिकारी पदाधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

